राजनाथ सिंह बोले- युवाओं को राजनीतिक औजार बना रहा विपक्ष, संसद में हो बहस

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर युवाओं को राजनीतिक औजार बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।

News Saga Desk

राजनाथ सिंह का बयान दिल्ली में जारी विरोध-प्रदर्शनों और छात्रों के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि देश के छात्रों और युवाओं को राजनीतिक स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल युवाओं की भावनाओं का उपयोग अपने हितों के लिए करना चाहते हैं।

पत्रकारों से बातचीत में रक्षा मंत्री ने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है और किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद सबसे उपयुक्त मंच है। ऐसे में सड़क पर समाधान तलाशने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं माना जा सकता।

युवाओं की आकांक्षाओं के प्रति सरकार प्रतिबद्ध

राजनाथ सिंह का बयान देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। सरकार का उद्देश्य युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनके हितों की रक्षा करना है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार लगातार शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही है ताकि उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

विपक्ष पर लगाया राजनीतिक माहौल बनाने का आरोप

रक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता कृत्रिम रूप से गुस्से का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह केवल जनता, विशेषकर छात्रों और युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश है।

उन्होंने कहा कि देश का युवा वर्ग जागरूक और विवेकशील है तथा वह ऐसे प्रयासों को अच्छी तरह समझता है। युवाओं का विश्वास विकास, प्रगतिराजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने का सबसे उपयुक्त स्थान संसद है। संसद के भीतर विपक्ष को अपनी बात रखने और राष्ट्र निर्माण में है और वे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

संसद ही लोकतांत्रिक चर्चा का सही मंच

राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा करने का सबसे उपयुक्त स्थान संसद है। संसद के भीतर विपक्ष को अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता है और सरकार भी सभी विषयों पर सार्थक चर्चा के लिए तैयार है।

राजनाथ सिंह

उन्होंने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब सड़क पर समाधान खोजने की कोशिश उचित नहीं है। यदि विपक्ष किसी मुद्दे को गंभीरता से उठाना चाहता है तो उसे संसद की कार्यवाही में भाग लेना चाहिए।

सरकार ने संवाद के लिए जताई प्रतिबद्धता

रक्षा मंत्री ने दोहराया कि केंद्र सरकार छात्रों और युवाओं की भावनाओं तथा चिंताओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान चाहती है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करती है और विपक्ष द्वारा उठाए गए हर महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।

विपक्ष से संसद नहीं ठप करने की अपील

राजनाथ सिंह का बयान में विपक्ष से यह अपील भी शामिल रही कि वह संसद की कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न न करे। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों और युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे संसद के भीतर बहस करनी चाहिए।

रक्षा मंत्री ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और वहीं पर राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा कर समाधान निकाला जाना चाहिए।

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राजनीतिक माहौल के बीच बढ़ी बहस

हाल के दिनों में छात्रों से जुड़े मुद्दों और विरोध-प्रदर्शनों को लेकर देश की राजनीति गर्म है। एक ओर विपक्ष सरकार पर युवाओं की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगा रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि वह युवाओं के हितों की रक्षा और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

राजनाथ सिंह का बयान ऐसे समय आया है जब संसद में भी इन मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में इन विषयों पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।

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