सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन: पिपरवार में महिलाओं को मिलेगा रोजगार, शुद्ध पेयजल की नई पहल

NEWS SAGA DESK

*सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन पिपरवार में हुआ। महिलाओं को रोजगार, शुद्ध पेयजल, जल संरक्षण और माइन वॉटर के बेहतर उपयोग की दिशा में बड़ा कदम।

सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन झारखंड के पिपरवार क्षेत्र के बचरा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। 22 जुलाई 2026 को केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से इस अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन किया। यह पहल केवल शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम मानी जा रही है। सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन कोयला मंत्रालय की उन योजनाओं का हिस्सा है, जिनका उद्देश्य खदानों के जल का प्रभावी और जनहितकारी उपयोग सुनिश्चित करना है।

सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन

सीसीएल के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?

सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) द्वारा स्थापित यह प्लांट खदानों से निकलने वाले पानी को आधुनिक तकनीक के जरिए शुद्ध कर पेयजल के रूप में उपलब्ध कराएगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त तथा अपर सचिव श्रीमती रूपिंदर बरार भी उपस्थित रहे।

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन श्री बी. साई राम, सीसीएल के सीएमडी श्री निलेंदु कुमार सिंह सहित विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के प्रमुख अधिकारियों ने भी भाग लिया। इससे स्पष्ट है कि सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

वेस्ट टू वेल्थ और हर घर जल मिशन को मिलेगा बल

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि “कोल नीर” परियोजना नवाचार, वेस्ट टू वेल्थ और प्रधानमंत्री के ‘हर घर जल’ संकल्प का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि खदानों के पानी को जनकल्याण, विकास और आजीविका का माध्यम बनाया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि वैज्ञानिक तरीके से माइन क्लोजर की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पुनर्वासित खनन क्षेत्रों का उपयोग इको पार्क और अन्य पर्यावरण हितैषी परियोजनाओं के विकास में किया जा रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी मजबूत होगी।

सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन

आधुनिक तकनीक से तैयार अत्याधुनिक प्लांट

सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन ऐसे समय हुआ है जब देश में जल संरक्षण और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस प्लांट की जल शोधन क्षमता 25 किलोलीटर प्रतिदिन है।

यहां आधुनिक मशीनों के माध्यम से 500 मिलीलीटर और 1 लीटर की बोतलों को प्रति मिनट लगभग 40 बोतलों की गति से भरा जा सकता है। इसके अलावा 20 लीटर के जार भरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। यह व्यवस्था स्थानीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।

महिलाओं के लिए रोजगार का नया अवसर

इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पूरा प्लांट महिलाओं द्वारा संचालित किया जाएगा। सीसीएल ने स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिला सदस्यों को पहले से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है।

इससे स्थानीय महिलाओं को स्थायी रोजगार मिलने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी। साथ ही आसपास के गांवों के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल सुलभ होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल अन्य खनन क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है।

माइन क्लोजर मॉडल और वार्षिक रिपोर्ट का लोकार्पण

उद्घाटन समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने माइन क्लोजर पर आधारित वार्षिक रिपोर्ट “आरोह (AAROH – The Rising)” का भी लोकार्पण किया। इसके साथ ही सीसीएल द्वारा तैयार माइन क्लोजर मॉडल का भी उद्घाटन किया गया।

कोयला मंत्रालय के सचिव श्री विक्रम देव दत्त ने कहा कि “कोल नीर” पहल माइन वॉटर के सतत उपयोग, जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

स्थानीय स्तर पर उत्साह और व्यापक भागीदारी

पिपरवार क्षेत्र में आयोजित उद्घाटन समारोह में सीसीएल के निदेशक (वित्त) श्री पवन कुमार मिश्रा, निदेशक (मानव संसाधन) श्री हर्ष नाथ मिश्र, निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री चंद्र शेखर तिवारी, निदेशक (योजना एवं परियोजना) श्री अनूप हंजूरा तथा महाप्रबंधक श्री सुजीत कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि, सीसीएल के कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी समारोह में शामिल हुए। सीसीएल कोल नीर प्लांट का उद्घाटन क्षेत्र के लोगों के लिए विकास, रोजगार और स्वच्छ पेयजल की नई उम्मीद लेकर आया है।

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आम जनता के लिए क्या है इसका महत्व?

यह परियोजना स्थानीय लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को भी मजबूत करेगी। महिला संचालित मॉडल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण बनेगा, जबकि खदानों के पानी का पुनः उपयोग संसाधनों के सतत प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। भविष्य में ऐसी पहलें देश के अन्य खनन क्षेत्रों में भी लागू की जा सकती हैं।

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