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धनबाद जिला स्तरीय सहिया सम्मेलन में उपायुक्त आदित्य रंजन ने बाल विवाह, भ्रूण हत्या रोकने और स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।
झारखंड के धनबाद में आयोजित Dhanbad Sahiya Conference के दौरान उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने जिले की सभी सहियाओं से समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने और स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर सहिया सावित्रीबाई फुले और फूलो-झानो की प्रेरणा लेकर बाल विवाह, भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाए तथा लोगों को पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी प्रेरित करे।
न्यू टाउन हॉल में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सहिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सहिया स्वास्थ्य विभाग की सबसे मजबूत कड़ी हैं। गांव का हर व्यक्ति उन्हें पहचानता है और उनके प्रयासों से ही लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंच पाती हैं। उन्होंने पिछले एक वर्ष में उत्कृष्ट कार्य करने वाली सभी सहियाओं की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन को उन पर गर्व और पूरा भरोसा है।
स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत बना रहा जिला प्रशासन
उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ सब-सेंटरों का तेजी से सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने जिले को 300 से अधिक स्वास्थ्य उपकेंद्र उपलब्ध कराए हैं। अगले सात से आठ महीनों में इन सभी केंद्रों पर प्रसव की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा सदर अस्पताल पर मरीजों का दबाव काफी कम होगा।

उपायुक्त ने कहा कि सहिया केवल स्वास्थ्य सेवाएं देने वाली कार्यकर्ता नहीं हैं, बल्कि वे सरकार, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की छवि भी हैं। इसलिए उनका व्यवहार हमेशा सकारात्मक और संवेदनशील होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समय पर मरीजों को सरकारी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना और लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करना सहियाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जिला प्रशासन उनकी हर संभव सहायता करेगा ताकि वे बेहतर ढंग से अपनी सेवाएं दे सकें।
उप विकास आयुक्त ने भी की सराहना
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त सन्नी राज ने कहा कि सहियाएं समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने और भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की अधिकांश योजनाएं उनके माध्यम से ही अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, जिसके कारण धनबाद जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है।
उन्होंने बारिश के मौसम में लोगों को सर्पदंश, जलजनित बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक करने की अपील भी की। साथ ही बताया कि जिले के 50 पुराने स्वास्थ्य केंद्रों को एल-1 केंद्र के रूप में विकसित किया गया है, जहां जल्द ही प्रसव की सुविधा उपलब्ध होगी।
सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने कहा कि जिले की सहियाओं ने गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, टीकाकरण, प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, नवजात शिशुओं की देखभाल, परिवार नियोजन और घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन्हीं के प्रयासों से स्वास्थ्य विभाग आज बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
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राज्य कार्यक्रम समन्वयक अकाई मिंज ने भी कहा कि सहिया समुदाय और स्वास्थ्य विभाग के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती हैं। उन्होंने सहियाओं को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
सम्मेलन के दौरान “भ्रूण हत्या महापाप है” विषय पर नुक्कड़ नाटक का मंचन कर सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाली 25 सहियाओं को सम्मानित किया गया तथा उन्हें रजिस्टर, मेडिकल किट, होम बेस्ड न्यू बॉर्न केयर (HBNC) किट और होम बेस्ड यंग चाइल्ड केयर (HBYC) किट वितरित की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक स्वागत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला स्वास्थ्य समिति के प्रतिनिधि तथा हजारों की संख्या में सहियाएं उपस्थित रहीं।
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