जितपुर खनन परियोजना में 15 युवाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण

NEWS SAGA DESK

टेरी माइनिंग और अदाणी फाउंडेशन की पहल, युवाओं को एलएमवी प्रशिक्षण देकर रोजगार व स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी

गोड्डा जिले में जितपुर खनन परियोजना क्षेत्र के स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में पहल शुरू की गई है। टेरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड और अदाणी फाउंडेशन की संयुक्त पहल के तहत परियोजना क्षेत्र के 15 स्थानीय युवाओं को एक माह के लाइट मोटर व्हीकल (LMV) ड्राइविंग प्रशिक्षण के लिए गोड्डा स्थित दीक्षित ऑटो ड्राइविंग सेंटर भेजा गया है। प्रशिक्षण में 13 युवक और दो युवतियां शामिल हैं।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को व्यावसायिक ड्राइविंग का कौशल प्रदान करना है, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसरों से भी जुड़ सकें। जितपुर खनन परियोजना क्षेत्र में कौशल विकास के जरिए स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की इस पहल को आजीविका संवर्धन से जोड़कर देखा जा रहा है।

15 युवाओं को मिला ड्राइविंग प्रशिक्षण का अवसर

जितपुर खनन परियोजना क्षेत्र से चयनित 15 युवाओं को एक महीने के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। इनमें 13 युवक और दो युवतियां हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को केवल वाहन चलाने की जानकारी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें व्यावसायिक ड्राइविंग से जुड़े जरूरी नियमों और व्यवहारिक पहलुओं से भी परिचित कराया जाएगा।

कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे युवाओं को कौशल प्रदान करना है, जो रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं। ड्राइविंग का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रतिभागी विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार हासिल करने के साथ निजी स्तर पर भी काम शुरू कर सकते हैं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को ग्राम पंचायत पहाड़पुर की पंचायत प्रधान मेरी मार्गरेट ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया।

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उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने में कौशल आधारित प्रशिक्षण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण में भी मदद करते हैं।

स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों की कमी के बीच व्यावसायिक प्रशिक्षण युवाओं को अपनी क्षमता के अनुसार काम तलाशने का अवसर देता है। इसी उद्देश्य से जितपुर खनन परियोजना क्षेत्र में यह पहल शुरू की गई है।

सुरक्षित और व्यावसायिक ड्राइविंग की दी जाएगी जानकारी

एक माह तक चलने वाले प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सुरक्षित और व्यावसायिक ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और वाहन संचालन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी।

प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को सड़क पर वाहन चलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों, यातायात नियमों के पालन और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में बताया जाएगा। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में वाहन संचालन के लिए तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।

इस तरह का प्रशिक्षण युवाओं के लिए रोजगार योग्य कौशल विकसित करने की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को संबंधित क्षेत्रों में रोजगार दिलाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी

जितपुर खनन परियोजना की इस पहल का प्रमुख उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों को व्यावसायिक ड्राइविंग से संबंधित अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिल सकता है।

इसके साथ ही जिन युवाओं की रुचि स्वरोजगार में होगी, वे ड्राइविंग कौशल का इस्तेमाल निजी स्तर पर आय अर्जित करने के लिए भी कर सकते हैं। इससे युवाओं के लिए स्थायी आजीविका के विकल्प विकसित करने में मदद मिल सकती है।

कार्यक्रम से जुड़े लोगों का मानना है कि रोजगार के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि व्यावहारिक और बाजार आधारित कौशल भी जरूरी है। इसी सोच के तहत स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम का संचालन परियोजना प्रमुख रितेश कुमार तिवारी ने किया। उन्होंने कहा कि कंपनी का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना और क्षेत्र में स्थायी आजीविका के अवसर विकसित करना है।

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