खूंटी में निजी भवनों के आंगनबाड़ी केंद्र होंगे सरकारी भवनों में शिफ्ट

NEWS SAGA DESK

खूंटी में उपायुक्त मो जावेद हुसैन ने निजी भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए। FRS और पोषण पर भी जोर।

 आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट

जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। उपायुक्त मो जावेद हुसैन ने बुधवार को समाहरणालय सभागार में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निजी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण और जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए आवश्यक प्रस्ताव भेजने को भी कहा।

बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना, पोषण योजनाओं, बाल संरक्षण और विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बच्चों और महिलाओं को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

निजी भवनों वाले केंद्रों को सरकारी भवन में लाने पर जोर

उपायुक्त ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए। जिन केंद्रों के लिए नए भवन की आवश्यकता है, उनके निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए।

वहीं, जिन आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति जर्जर है, उनकी मरम्मत के लिए भी आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। प्रशासन का उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को सुरक्षित और बेहतर आधारभूत सुविधाओं से लैस करना है, ताकि बच्चों और लाभुक महिलाओं को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।

सभी केंद्रों में FRS लागू करने का निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में शत-प्रतिशत फेस रिकॉग्निशन सिस्टम यानी FRS लागू करने पर जोर दिया। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों का समय पर ई-केवाईसी कराने तथा पोषण ट्रैकर पर सभी जरूरी जानकारियों को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं के लाभुकों से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड समय पर अपडेट किए जाएं, जिससे पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में किसी तरह की परेशानी न हो।

बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर

समीक्षा के दौरान ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति पर भी चर्चा हुई, जहां अब तक बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं है। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इन केंद्रों में जल्द विद्युतीकरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली की सुविधा बच्चों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के साथ-साथ डिजिटल सिस्टम और ऑनलाइन रिकॉर्ड से जुड़े कार्यों के लिए भी जरूरी है।

उपायुक्त ने टेक होम राशन यानी THR वितरण की भी समीक्षा की। उन्होंने लाभुकों तक पोषण संबंधी सुविधाएं समय पर पहुंचाने पर जोर दिया। इसके अलावा VHSND और CBE जैसी गतिविधियों की प्रगति की भी जानकारी ली गई।

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03 से 06 वर्ष के बच्चों के अपार आईडी निर्माण और ABHA सत्यापित लाभुकों की संख्या बढ़ाने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। प्रशासन की कोशिश है कि पात्र लाभुकों का डिजिटल रिकॉर्ड व्यवस्थित हो और उन्हें योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बैठक में महिला पर्यवेक्षिका, सेविका और अन्य संबंधित कर्मियों की ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि कर्मचारियों की उपस्थिति और कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।

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