बालेश्वर में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य, 6 जोड़ी मेमू ट्रेनें रद्द

बालेश्वर में नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 13 अगस्त तक छह जोड़ी बालेश्वर मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी। यात्रियों को यात्रा से पहले अपडेट जांचने की सलाह।

News saga Desk

खड़गपुर: ओडिशा के बालेश्वर स्टेशन पर चल रहे गैर-इंटरलॉकिंग यानी नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है। दक्षिण-पूर्व रेलवे के खड़गपुर मंडल ने कार्य को देखते हुए कई ट्रेनों की सेवाओं में बदलाव किया है। इसके तहत छह जोड़ी बालेश्वर मेमू ट्रेन सेवाओं को 13 अगस्त तक रद्द करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों का आंशिक समापन और आंशिक प्रारंभ भी किया जाएगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की नवीनतम स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

बालेश्वर में चल रहा नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य

रेल प्रशासन के मुताबिक बालेश्वर स्टेशन पर जरूरी परिचालन कार्य के तहत नॉन-इंटरलॉकिंग का काम चल रहा है। इस तरह के कार्य के दौरान रेलवे स्टेशन और ट्रैक से जुड़ी परिचालन व्यवस्था में बदलाव किया जाता है। यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों को रद्द या सीमित मार्ग पर चलाने का फैसला लिया गया है।

 मेमू ट्रेन

इसी वजह से कई बालेश्वर मेमू ट्रेन सेवाएं निर्धारित अवधि के दौरान प्रभावित रहेंगी। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे बिना स्थिति की पुष्टि किए स्टेशन के लिए रवाना न हों।

कौन-कौन सी मेमू ट्रेनें रहेंगी रद्द?

खड़गपुर मंडल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार छह जोड़ी मेमू ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित रहेंगी। इनमें निम्नलिखित ट्रेनें शामिल हैं-

  • 68049/68050 खड़गपुर-भद्रक-खड़गपुर मेमू
  • 68051/68052 बालेश्वर-भद्रक-बालेश्वर मेमू
  • 68187/68188 बालेश्वर-गोपीनाथपुर नीलगिरि-बालेश्वर मेमू
  • 68185/68186 बालेश्वर-गोपीनाथपुर नीलगिरि-बालेश्वर मेमू
  • 68189/68190 बालेश्वर-गोपीनाथपुर नीलगिरि-बालेश्वर मेमू
  • 68021/68022 खड़गपुर-बालेश्वर-खड़गपुर मेमू

इन ट्रेनों के रद्द रहने से बालेश्वर, खड़गपुर, भद्रक और आसपास के क्षेत्रों के दैनिक यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।

बारीपदा-बालेश्वर मेमू का भी बदला परिचालन

रेलवे ने कुछ अन्य ट्रेनों के परिचालन में भी बदलाव किया है। ट्रेन संख्या 68180 बारीपदा-बालेश्वर मेमू का आंशिक समापन रूपसा में किया जाएगा। वहीं ट्रेन संख्या 68181 बालेश्वर-बारीपदा मेमू का आंशिक प्रारंभ भी रूपसा से किया जाएगा।

इसका मतलब है कि निर्धारित अवधि में इन ट्रेनों की पूरी यात्रा बालेश्वर तक या बालेश्वर से शुरू नहीं होगी। यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय बदले हुए प्रारंभ और गंतव्य स्टेशन का ध्यान रखना होगा।

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भद्रक से होगा आंशिक परिचालन

रेल प्रशासन ने ट्रेन संख्या 68051/68052 बालेश्वर-भुवनेश्वर-बालेश्वर मेमू के परिचालन में भी बदलाव किया है। इस ट्रेन का आंशिक समापन और आंशिक प्रारंभ भद्रक से किया जाएगा।

रेलवे के अनुसार 12 और 13 अगस्त को भद्रक-बालेश्वर-भद्रक के बीच इस ट्रेन की सेवा रद्द रहेगी। ऐसे में इस रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

बालेश्वर स्टेशन क्षेत्र में ट्रेनों के परिचालन में बदलाव का सबसे ज्यादा असर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। मेमू ट्रेनें आमतौर पर छोटे और मध्यम दूरी के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन साधन हैं। ऐसे में सेवाएं रद्द होने या आंशिक रूप से चलने से यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेन, बस या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।

विशेष रूप से नौकरी, कारोबार, शिक्षा और दैनिक आवागमन के लिए इन ट्रेनों पर निर्भर यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति जांचना जरूरी होगा।

रेलवे स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य परिचालन व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का हिस्सा होता है। ऐसे कार्यों के दौरान ट्रेनों की आवाजाही में अस्थायी बदलाव किए जाते हैं, ताकि निर्धारित काम को सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।

बालेश्वर स्टेशन पर जारी कार्य के कारण खड़गपुर मंडल ने यात्री ट्रेनों के परिचालन को अस्थायी रूप से नियंत्रित किया है। काम पूरा होने के बाद सामान्य परिचालन बहाल होने की उम्मीद है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन के परिचालन की नवीनतम स्थिति की जानकारी जरूर लें। नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण निर्धारित समय और मार्ग में बदलाव हो सकता है।

यात्रियों को विशेष रूप से बालेश्वर मेमू ट्रेन और अन्य प्रभावित ट्रेनों के नंबर की जांच करनी चाहिए। 12 और 13 अगस्त को भद्रक-बालेश्वर के बीच प्रभावित सेवा को ध्यान में रखते हुए यात्री वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर सकते हैं।

रेलवे के इस अस्थायी बदलाव का उद्देश्य नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है। यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले आधिकारिक रेलवे सूचना के माध्यम से अपनी ट्रेन की स्थिति की पुष्टि करें।

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