JSSC नियुक्ति परीक्षाओं में देरी, तीन-चार साल से जारी प्रक्रिया

NEWS SAGA DESK

JSSC की कई नियुक्ति परीक्षाओं में विज्ञापन से नियुक्ति तक तीन-चार साल लग रहे हैं। रिजल्ट, कटऑफ और नियुक्ति में देरी से अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ी।

रांचीः झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में प्रक्रिया की धीमी रफ्तार और पारदर्शिता को लेकर अभ्यर्थियों के बीच लगातार सवाल उठ रहे हैं। राज्य में हजारों अभ्यर्थी एक ही परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होते हैं, लेकिन सभी के लिए नियुक्ति की राह एक जैसी नहीं रहती। कहीं रिजल्ट जारी होने के बाद कटऑफ का इंतजार जारी रहता है, तो कहीं नियुक्ति पत्र बांटे जाने के बाद भी अतिरिक्त रिजल्ट जारी होता है। कई मामलों में अभ्यर्थी योगदान तक दे चुके हैं, लेकिन पूरी नियुक्ति प्रक्रिया अब तक समाप्त नहीं हुई है।

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग

JSSC की पांच प्रमुख नियुक्ति परीक्षाओं की टाइमलाइन पर नजर डालें तो विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पूरी होने तक कई मामलों में तीन से चार वर्ष या उससे भी अधिक समय लग रहा है। इस दौरान अभ्यर्थियों को परीक्षा, रिजल्ट, प्रमाण पत्र सत्यापन, कटऑफ और नियुक्ति के अलग-अलग चरणों से गुजरना पड़ता है।

रिजल्ट के साथ कटऑफ नहीं होने से बढ़ती परेशानी

JSSC की कई परीक्षाओं में रिजल्ट जारी होने के साथ कटऑफ और अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक नहीं किए जाते हैं। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा कर दी जाती है और विभाग की ओर से नियुक्ति पत्र भी बांट दिए जाते हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों के बीच चयन प्रक्रिया को लेकर असमंजस बना रहता है।

आयोग की ओर से कई रिजल्ट जारी करते समय यह उल्लेख किया जाता है कि अनिवार्य प्रमाण पत्रों या अभिलेखों की अनुपलब्धता, अस्पष्टता अथवा बायोमीट्रिक मिलान की पुष्टि नहीं होने के कारण कुछ अभ्यर्थियों का परीक्षाफल लंबित रखा गया है। संबंधित अभ्यर्थियों से दस्तावेज मिलने और विभागीय मार्गदर्शन के बाद आयोग के निर्णय के आधार पर परिणाम में संशोधन की संभावना भी रहती है।

इसके अलावा नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मामले अदालत तक पहुंचने पर पूरी प्रक्रिया और लंबी हो जाती है। इसका सीधा असर उन अभ्यर्थियों पर पड़ता है, जो वर्षों से नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

महिला पर्यवेक्षिका परीक्षा में एक साल बाद भी कटऑफ नहीं

महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति परीक्षा का रिजल्ट 14 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इसके बाद 313 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा समाज कल्याण विभाग से की गई। इनमें 61 अभ्यर्थी जांच के दायरे में बताए गए हैं। शेष सफल अभ्यर्थियों में कई को नियुक्ति पत्र भी दिया जा चुका है, लेकिन 131 पदों का रिजल्ट अभी लंबित है।

इस परीक्षा का विज्ञापन सितंबर 2023 में जारी हुआ था और परीक्षा सितंबर 2024 में हुई। मई-जून 2025 में प्रमाण पत्र सत्यापन के बाद अगस्त 2025 में परिणाम जारी हुआ। अप्रैल-मई 2026 में नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया हुई, लेकिन अब तक पूरी नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम रूप से बंद नहीं हुई है।

जूनियर इंजीनियर परीक्षा में दोबारा शुरू करनी पड़ी प्रक्रिया

झारखंड डिप्लोमा स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के तहत जूनियर इंजीनियरों की नियुक्ति प्रक्रिया भी लंबे समय से चर्चा में रही है। वर्ष 2021 में विज्ञापन जारी हुआ और 2022 में परीक्षा आयोजित की गई। प्रश्न पत्र लीक होने के बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी।

इसके बाद वर्ष 2023 में 1562 पदों के लिए दोबारा प्रक्रिया शुरू हुई। सितंबर-अक्तूबर 2023 में परीक्षा हुई। मार्च 2024 में पहला रिजल्ट जारी किया गया और बाद में अतिरिक्त परिणाम भी आए। मार्च 2024 से नियुक्ति पत्र वितरण शुरू हुआ, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कुछ अभ्यर्थी अदालत पहुंचे हैं। इस कारण यह प्रक्रिया भी अब तक पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है।

माध्यमिक सहायक आचार्य में 500 से अधिक पदों का रिजल्ट लंबित

राज्य के प्लस टू स्कूलों में 1373 माध्यमिक सहायक आचार्य पदों के लिए JSSC ने परीक्षा आयोजित की। वर्ष 2025 में आवेदन प्रक्रिया शुरू हुई और जनवरी 2026 में लिखित परीक्षा हुई। जून और जुलाई 2026 से विषयवार परिणाम जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई।

आयोग अब तक करीब 850 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा शिक्षा विभाग से कर चुका है। इसके बावजूद विषयवार कटऑफ अब तक जारी नहीं किया गया है। 500 से अधिक पदों पर रिजल्ट लंबित बताया जा रहा है और नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया जारी है।

26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति में कई बार बदला रिजल्ट

26 हजार सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा भी लंबी प्रक्रिया का उदाहरण है। वर्ष 2023 में विज्ञापन जारी होने के बाद 2024 में परीक्षा आयोजित की गई। जुलाई 2025 से परिणाम जारी होने शुरू हुए। इसके बाद एक अगस्त, 30 अगस्त, सात नवंबर और 12 दिसंबर 2025 को अलग-अलग चरणों में रिजल्ट में बदलाव और अतिरिक्त परिणाम जारी किए गए।

मार्च 2026 में अभ्यर्थियों का प्रमाण पत्र सत्यापन हुआ। नियुक्ति पत्र वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, लेकिन नियुक्ति के बाद अदालत के आदेश के आधार पर जनवरी 2026 में कटऑफ जारी किया गया। इससे सवाल उठा कि चयन प्रक्रिया में कटऑफ को पहले सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया।

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उत्पाद सिपाही भर्ती में फाइनल रिजल्ट का इंतजार

583 उत्पाद सिपाही पदों के लिए वर्ष 2023 में शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया भी अभी पूरी नहीं हुई है। वर्ष 2024 में शारीरिक दक्षता परीक्षा हुई और उसका रिजल्ट 2025 में जारी किया गया। इसके बाद 12 अप्रैल 2026 को लिखित परीक्षा हुई। जुलाई 2026 में मेडिकल जांच की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई, लेकिन फाइनल रिजल्ट अब तक जारी नहीं हुआ है।

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