दृष्टिहीन कृष्णानंद की अटूट आस्था, 15 साल से पैदल जा रहे शिवधाम

NEWS SAGA DESK

दृष्टिहीन कृष्णानंद पांडेय 15 साल से सावन में अकेले पैदल शिवधाम की यात्रा कर रहे हैं। इस बार बोकारो से जल लेकर चिड़का धाम जा रहे हैं।

15 साल से जारी है कृष्णानंद की शिवभक्ति

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और आस्था का पर्व माना जाता है। इस दौरान देशभर में लाखों श्रद्धालु शिवालयों और विभिन्न शिवधामों की यात्रा करते हैं। लेकिन दृष्टिहीन कृष्णानंद पांडेय की भक्ति और समर्पण की कहानी इन सबसे अलग है। वे पिछले 15 वर्षों से सावन के दौरान अकेले पैदल शिवधाम की यात्रा कर रहे हैं।

इसे भी देखें:-Lakhisarai Ashok Dham Stampede: सावन की तीसरी सोमवार पर भगदड़, 7 की मौ*त | Bihar News

दृष्टिहीन होने के बावजूद कृष्णानंद ने कभी अपनी शारीरिक चुनौती को अपनी आस्था के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। हर साल वे पैदल यात्रा पर निकलते हैं और अलग-अलग शिवधाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

बाबा पर अटूट भरोसा, लाठी बनी सहारा

कृष्णानंद पांडेय की इस यात्रा में उनकी सबसे बड़ी साथी एक लोहे की लाठी है। इसी लाठी के सहारे वे रास्ते की पहचान करते हुए लंबी दूरी पैदल तय करते हैं। रास्ते में आने वाली कठिनाइयों के बावजूद उनके कदम रुकते नहीं हैं।

इस बार बोकारो से चिड़का धाम की यात्रा

इस वर्ष कृष्णानंद पांडेय बोकारो से जल लेकर चिड़का धाम की ओर पैदल रवाना हुए हैं। सावन के इस पावन अवसर पर वे जल लेकर शिवधाम पहुंचने और भगवान शिव का जलाभिषेक करने के संकल्प के साथ यात्रा कर रहे हैं।

Read More News

Read More