रांची के कोकर में जमीन बिक्री के नाम पर 18.51 लाख रुपये लिए, न जमीन दी न कब्जा, पिता-पुत्र पर FIR

NEWS SAGA DESK

रांची के कोकर में जमीन बिक्री के नाम पर 18.51 लाख रुपये लेने और जमीन नहीं देने का आरोप लगा है। सदर थाना पुलिस ने पिता-पुत्र पर केस दर्ज किया है।

रांचीः राजधानी रांची के कोकर इलाके में जमीन बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कोकर के न्यू अयोध्यापुरी निवासी व्यवसायी वीरेंद्र कुमार यादव ने जमीन खरीदने के नाम पर 18 लाख 51 हजार रुपये लेने के बाद जमीन की रजिस्ट्री और कब्जा नहीं देने का आरोप लगाया है। व्यवसायी ने इस संबंध में सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है। मामले में ओल्ड एचबी रोड निवासी रामविलास शर्मा और उनके पुत्र राजन शर्मा को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जमीन बिक्री के नाम

शादी के लिए पैसों की जरूरत बताकर दिया जमीन बेचने का प्रस्ताव

प्राथमिकी के अनुसार, व्यवसायी वीरेंद्र कुमार यादव की रामविलास शर्मा से पहले से पहचान थी। आरोप है कि जनवरी 2026 में रामविलास शर्मा ने अपनी पुत्री की शादी के लिए पैसों की जरूरत बताते हुए कोकर मौजा स्थित करीब डेढ़ कट्ठा जमीन बेचने का प्रस्ताव व्यवसायी के सामने रखा।

जमीन की कीमत करीब 45 लाख रुपये तय की गई। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद पांच फरवरी 2026 को जमीन को लेकर एग्रीमेंट किया गया। व्यवसायी के अनुसार, एग्रीमेंट होने के बाद उन्होंने जमीन की खरीद के लिए अलग-अलग माध्यमों से रकम का भुगतान किया।

18.51 लाख रुपये लेने का आरोप

व्यवसायी का आरोप है कि एग्रीमेंट के बाद रामविलास शर्मा और उनके पुत्र राजन शर्मा ने बयाना और अग्रिम राशि के रूप में कुल 18 लाख 51 हजार रुपये लिये। यह रकम नगद, चेक और यूपीआइ के माध्यम से दी गयी।

रकम का भुगतान करने के बाद व्यवसायी ने जमीन की लिखा-पढ़ी और दखल-कब्जा देने की मांग की। हालांकि, आरोप है कि आरोपी पक्ष लगातार किसी न किसी वजह से मामले को टालता रहा। काफी समय बीतने के बावजूद जमीन की रजिस्ट्री और कब्जे की प्रक्रिया पूरी नहीं की गयी।

व्यवसायी ने पुलिस को दिए आवेदन में भुगतान से संबंधित लेन-देन और जमीन के एग्रीमेंट का भी उल्लेख किया है। अब पुलिस इन दस्तावेजों और भुगतान के माध्यमों की जांच कर रही है।

बाद में जमीन की कीमत 36 लाख रुपये तय हुई

प्राथमिकी में व्यवसायी ने बताया है कि बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और आपसी सहमति से जमीन की कुल कीमत घटाकर 36 लाख रुपये तय की गयी। यह बदलाव 15 जून को तय हुआ।

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इसके बाद 25 जून को चेक के माध्यम से भी राशि का भुगतान किए जाने का आरोप है। व्यवसायी का कहना है कि कीमत और भुगतान को लेकर सहमति बनने के बावजूद आरोपी पक्ष ने जमीन का बैनामा कराने और दखल-कब्जा देने से इनकार कर दिया।

इसके बाद विवाद बढ़ता गया और व्यवसायी ने अपने स्तर से जमीन की रजिस्ट्री कराने तथा कब्जा दिलाने की मांग की।

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