JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों की चौथे दौर की वार्ता पर सबकी नजर है। मुख्यमंत्री की बैठक के कारण बातचीत में देरी हुई।
रांचीः JPSC-JSSC छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच चौथे दौर की वार्ता को लेकर हलचल तेज हो गई है। दोनों पक्षों के बीच सोमवार को प्रस्तावित बातचीत को लेकर स्टेट गेस्ट हाउस में तैयारियां की गई थीं, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से मंत्रियों की आपात बैठक बुलाए जाने के कारण वार्ता में देरी हुई। अब बातचीत शाम 4 बजे के बाद शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। JPSC-JSSC छात्र आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधिमंडल की नजर सरकार के अगले संदेश पर है।

JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। जयपाल सिंह स्टेडियम में बड़ी संख्या में छात्र जुटे हुए हैं। आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि सरकार को उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लेना होगा।
स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता का इंतजार
सरकार और छात्रों के बीच चौथे दौर की बातचीत के लिए स्टेट गेस्ट हाउस को वार्ता स्थल बनाया गया है। छात्र प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सरकार की ओर से मंत्री समूह के सदस्यों के नहीं पहुंचने के कारण निर्धारित समय पर बातचीत शुरू नहीं हो सकी।
JPSC-JSSC Reform Manch के अनुसार, छात्र प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचने को कहा गया था। प्रतिनिधिमंडल अपनी ओर से तैयार रहा, लेकिन सरकार के प्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने के कारण छात्रों को इंतजार करना पड़ा।
बाद में जानकारी सामने आई कि मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट भवन में सभी मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई है। इसी वजह से वार्ता में देरी हुई और अब शाम 4 बजे के बाद बातचीत शुरू होने की संभावना है।
पहले हो चुकी है तीन दौर की बातचीत
सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच इससे पहले तीन दौर की वार्ता हो चुकी है। इन बैठकों में छात्रों ने परीक्षा और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। सरकार की ओर से भी समस्याओं पर चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया गया।
हालांकि, कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी तक दोनों पक्षों के बीच पूर्ण सहमति नहीं बन सकी है। इसी कारण आंदोलन जारी है। तीसरे दौर की बातचीत से पहले छात्र प्रतिनिधिमंडल को लेकर भी गतिरोध की स्थिति बनी थी।
सरकार की आपत्ति के बाद छात्रों ने वार्ता के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तय किया था। प्रशासन की ओर से सदर एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने में भूमिका निभाई थी।
सीएम आवास घेराव के ऐलान के बाद पहल
छात्रों की ओर से मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किए जाने के बाद सरकार ने बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। ऐसे में चौथे दौर की वार्ता को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए छात्रों की मांगों का समाधान निकाला जाए और आंदोलन को समाप्त करने के लिए स्वीकार्य रास्ता तैयार हो। वहीं, छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें केवल मौखिक आश्वासन से पूरी नहीं होंगी।
आंदोलनकारी चाहते हैं कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसे स्थायी सुधार किए जाएं, जिससे भविष्य में भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल न उठे।
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परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
JPSC-JSSC छात्र आंदोलन में कई प्रमुख मांगें शामिल हैं। छात्रों की ओर से कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच, संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने, CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग की जा रही है।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। उनका तर्क है कि हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा होता है। ऐसे में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की आशंका भी अभ्यर्थियों के बीच अविश्वास पैदा करती है।
आंदोलनकारी चाहते हैं कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाए।
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