JSSC CGL पेपर लीक: अभय तिवारी की रिमांड बढ़ी

NEWS SAGA DESK

JSSC CGL पेपर लीक मामले में अभय तिवारी की रिमांड तीन दिन बढ़ी। पत्नी और भाई जेल भेजे गए, जबकि CID 60 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ कर रही है।

रांची: JSSC CGL पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सीआईडी ने टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ा दी है। वहीं, उसकी पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जांच एजेंसी इस मामले में अब तक 60 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी है और पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

JSSC CGL पेपर लीक

अभय तिवारी की रिमांड तीन दिन बढ़ी

JSSC CGL पेपर लीक मामले में अभय तिवारी जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर सीआईडी ने उसकी रिमांड अवधि तीन दिन और बढ़ाने की मांग की, जिसे मंजूरी मिल गई। जांच एजेंसी उससे परीक्षा प्रश्नपत्र के कथित लीक, अभ्यर्थियों तक सवाल-जवाब पहुंचाने और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटा रही है।

जांच के दौरान अभय तिवारी ने कथित तौर पर बताया था कि पेपर लीक के लिए 12-12 लाख रुपये दिए गए थे। उसने यह भी जानकारी दी थी कि बोकारो में कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर याद करवाए गए थे। पूछताछ में उसने खुद भी इस प्रक्रिया में सफल होने की बात कही थी। इन दावों की पुष्टि और इनके आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ना CID की जांच का अहम हिस्सा है।

पत्नी और भाई को न्यायिक हिरासत

अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी से भी जांच एजेंसी ने पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित पेपर लीक नेटवर्क में परिवार के अन्य सदस्यों की कोई भूमिका थी या नहीं और क्या उन्हें पैसों के लेन-देन अथवा अन्य गतिविधियों की जानकारी थी।

हालांकि, किसी व्यक्ति से पूछताछ या न्यायिक हिरासत में भेजे जाने मात्र से उसकी अपराध में संलिप्तता अंतिम रूप से साबित नहीं होती। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगी। JSSC CGL पेपर लीक मामले की जांच के लिए एसटीएफ के आईजी अनूप बिरथरे की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी और सीआईडी की टीम मामले से जुड़े आरोपियों और संदिग्धों से लगातार पूछताछ कर रही है। अब तक 60 से अधिक संदिग्धों के बयान दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

जांच का फोकस केवल पेपर लीक तक सीमित नहीं है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र कथित तौर पर कहां से बाहर आया, इसे किन लोगों ने आगे पहुंचाया, अभ्यर्थियों से कितनी रकम ली गई और परीक्षा से पहले प्रश्न एवं उत्तर उन तक कैसे पहुंचे।

वेबेल एजेंसी और मालिक की तलाश

इस मामले में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाली एजेंसी वेबेल भी जांच के केंद्र में है। जांच एजेंसी की ओर से एजेंसी पर परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।

सीआईडी को एजेंसी के मालिक मिथिलेश सिंह की तलाश है। जांच अधिकारी उनसे पूछताछ करना चाहते हैं, ताकि परीक्षा संचालन और कथित पेपर लीक से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी हासिल की जा सके। उनकी भूमिका को लेकर जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

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