पवन खेड़ा को राज्यसभा सीट ‘इनाम’ में मिली: रिजिजू

किरेन रिजिजू ने पवन खेड़ा की राज्यसभा सीट पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि असम चुनाव में हेमंत सरमा और उनकी पत्नी पर झूठे आरोप लगाने के बाद खेड़ा को इनाम मिला।

News Saga Desk

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को लेकर बड़ा राजनीतिक आरोप लगाया है। रिजिजू ने दावा किया कि असम विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के खिलाफ लगाए गए कथित झूठे आरोपों के बाद पवन खेड़ा को राज्यसभा सीट दी गई। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही बहस के बीच कहा कि आरोपों का असर उल्टा पड़ने के बावजूद खेड़ा को राज्यसभा भेजा गया, जबकि वह इस सीट के हकदार नहीं थे।

रिजिजू ने क्या आरोप लगाया?

किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बताया था कि राहुल गांधी ने पवन खेड़ा को असम चुनाव के अंतिम समय में हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोप लगाने के लिए कहा था। रिजिजू के मुताबिक, जब ये आरोप कांग्रेस के लिए उलटे साबित हुए, तो पवन खेड़ा को राज्यसभा की सीट इनाम के तौर पर दे दी गई।

हालांकि, रिजिजू के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। यह बयान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच सामने आया है और कांग्रेस की ओर से इस दावे पर प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।

सोशल मीडिया विवाद से बढ़ा मामला

पवन खेड़ा और किरेन रिजिजू के बीच पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर तीखी बहस चल रही है। विवाद की शुरुआत रिजिजू द्वारा अरुणाचल प्रदेश में नदी में तैरने का एक वीडियो साझा किए जाने के बाद हुई। इस वीडियो पर पवन खेड़ा ने टिप्पणी की, जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से बयानबाजी तेज हो गई।

 पवन खेड़ा

इसके बाद रिजिजू ने पवन खेड़ा की राजनीतिक पृष्ठभूमि और उनके राज्यसभा सदस्य बनने को लेकर सवाल उठाए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि खेड़ा अपनी पार्टी की ओर से मनोनीत पहले कार्यकाल के राज्यसभा सांसद हैं और वह आठ बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, चुनाव लड़ने का अनुभव किसी नेता को अभद्र टिप्पणी करने का अधिकार नहीं देता।

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राज्यसभा सीट को लेकर क्यों उठा सवाल?

रिजिजू के बयान का सबसे अहम हिस्सा पवन खेड़ा की राज्यसभा सदस्यता से जुड़ा है। कांग्रेस नेता को राज्यसभा भेजे जाने को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच अक्सर राज्यसभा में नामांकन और उम्मीदवारों के चयन को लेकर राजनीतिक चर्चा होती रही है।

रिजिजू ने इसी संदर्भ में आरोप लगाया कि पवन खेड़ा को उनके कथित राजनीतिक अभियान के बाद राज्यसभा सीट मिली। उन्होंने इसे पुरस्कार की तरह पेश किया और कहा कि खेड़ा इस सीट के हकदार नहीं थे। हालांकि, राज्यसभा उम्मीदवारों का चयन राजनीतिक दलों के निर्णय और संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होता है।

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