गंडक बाढ़ अलर्ट के बीच बिहार के छह जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ाई गई है। नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद NDRF-SDRF तैनाती और राहत की तैयारी तेज हुई।
पटना: गंडक बाढ़ अलर्ट के बीच बिहार सरकार ने नदी से सटे छह जिलों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने के बाद गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका जताई गई है। संभावित स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में बचाव एवं राहत की तैयारियां तेज कर दी हैं। करीब तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की आशंका के मद्देनजर NDRF और SDRF की अग्रिम तैनाती की तैयारी शुरू कर दी गई है।

नेपाल में फ्लैश फ्लड के बाद बढ़ा खतरा
नेपाल के गंडक नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ की स्थिति ने बिहार की चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नेपाल की त्रिशूली नदी में भूस्खलन के कारण जलस्तर बढ़ा है। इससे गंडक में अचानक पानी बढ़ने की आशंका जताई गई है।
बिहार प्रशासन संभावित जलप्रवाह को लेकर लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। खासकर नदी के किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पश्चिमी चंपारण के बगहा क्षेत्र में भी प्रशासन ने तत्काल सतर्कता बढ़ाई है। बगहा के पुलिस अधीक्षक की ओर से जारी प्रेस नोट में सभी थाना अध्यक्षों, पुलिस निरीक्षकों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस टीमों को लाउडस्पीकर के जरिए स्थानीय लोगों को संभावित खतरे की जानकारी देने और जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है। प्रशासन का प्रयास है कि खतरे की स्थिति बनने से पहले ही संवेदनशील इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
गंडक बाढ़ अलर्ट को लेकर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति, राहत एवं बचाव की तैयारियों और संवेदनशील इलाकों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक संसाधन तैयार रखने का निर्देश दिया गया। राज्य सरकार ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सीतामढ़ी, शिवहर समेत अन्य संवेदनशील जिलों को भी स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
प्रशासन को गंडक के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों, पुल-पुलियों, निचले इलाकों और अन्य संवेदनशील संरचनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। हाजीपुर क्षेत्र में गंडक का जलस्तर पहले से खतरे के निशान के ऊपर दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
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NDRF-SDRF की अग्रिम तैनाती
संभावित आपदा से निपटने के लिए अतिरिक्त NDRF और SDRF संसाधनों की मूवमेंट शुरू कर दी गई है। गोपालगंज के लिए एक NDRF टीम भेजने तथा मुजफ्फरपुर में एक टीम को स्टैंडबाय रखने का निर्देश दिया गया है।
बेतिया में भी करीब दो घंटे के भीतर NDRF टीम की तैनाती सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जा रही है। जरूरत पड़ने पर SSB की ओर से QRT और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी है।
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