जयराम महतो ने बरवाअड्डा थाने में दर्ज एफआईआर और सनहा पर सवाल उठाए हैं। डुमरी विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष से निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की मांग की।
News Saga Desk
झारखंड की राजनीति में एक बार फिर जयराम महतो चर्चा के केंद्र में हैं। डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के प्रमुख चेहरों में शामिल जयराम महतो इस बार पुलिस कार्रवाई और अपने खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर कानूनी विवाद में घिरते नजर आ रहे हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की कथित पैरवी और थाना प्रभारी से फोन पर हुई बातचीत को लेकर विवाद सामने आने के बाद अब विधायक ने झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रवींद्र महतो से न्याय की गुहार लगाई है।
विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर क्या कहा?
जयराम महतो ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे पत्र में बरवाअड्डा थाना क्षेत्र में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी और सनहा को लेकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। विधायक का कहना है कि वह कानून से किसी तरह की विशेष छूट नहीं चाहते। उनकी मांग केवल इतनी है कि उनके मामले में भी वही कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाए, जो किसी आम नागरिक के साथ लागू होती है।
विधायक ने सरकार और संबंधित अधिकारियों का ध्यान पूरे मामले की ओर आकर्षित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच निष्पक्ष, तथ्यपरक और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होनी चाहिए।

21 अगस्त की घटना से शुरू हुआ विवाद
विधायक के पत्र के मुताबिक, 21 अगस्त को उन्हें सूचना मिली थी कि गणेश दास नाम के एक व्यक्ति को बरवाअड्डा थाना पुलिस ने हिरासत में लिया है और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट की जा रही है। इसके बाद उन्होंने थाना प्रभारी से फोन पर संपर्क किया।
इसी बातचीत को लेकर बाद में विवाद खड़ा हुआ। सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें विधायक और थाना प्रभारी के बीच बातचीत होने का दावा किया गया। खबरों के मुताबिक, बातचीत के दौरान कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने को लेकर भी विवाद हुआ।
हालांकि, जयराम महतो का कहना है कि उनका मकसद हिरासत में लिए गए व्यक्ति के साथ कथित मारपीट को लेकर पुलिस से सवाल करना था। उनके अनुसार, मामले को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
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विधायक के खिलाफ दर्ज हुई प्राथमिकी
विवाद के बाद विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा में आ गया। धनबाद पुलिस की ओर से विधायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई किए जाने के बीच जयराम महतो ने अब विधानसभा अध्यक्ष का रुख किया है।
विधायक ने अपने पत्र में पुलिस की कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि उनके खिलाफ कोई आरोप है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को भी कानून के दायरे में रहकर ही अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन कार्रवाई भी स्थापित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए।
उनका सवाल है कि जब घटना दूसरे थाना क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही थी, तो क्षेत्राधिकार और आरोपों की प्राथमिक जांच के संबंध में प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ाई गई। विधायक इसी आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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