सीएम योगी ने 50 हजार स्नातक छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर में स्कूटी देने की घोषणा की। 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बस यात्रा भी मुफ्त होगी।
News Saga Desk
उत्तर प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कई बड़ी घोषणाएं कीं। 50 हजार बेटियों को स्कूटी देने की घोषणा के साथ ही 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा शुरू की गई है। लखनऊ के इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और नेतृत्व को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
अक्टूबर-नवंबर में 50 हजार छात्राओं को स्कूटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि स्नातक स्तर पर पढ़ने वाली 50 हजार बेटियों को स्कूटी अक्टूबर-नवंबर में दी जाएंगी। सरकार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य छात्राओं की शिक्षा और आवागमन को आसान बनाना तथा उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, सुरक्षा, रोजगार और आय तक सरकार ने एक व्यापक व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बेटियां अब केवल शिक्षा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार, कारोबार, टेक्नोलॉजी, प्रशासन और अन्य क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं।
60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा

कार्यक्रम में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना की शुरुआत की गई। इसके तहत प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर 27 से 29 अगस्त तक महिलाओं और उनके एक सहकर्मी को निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा दिए जाने का भी उल्लेख किया। सरकार का मानना है कि इस तरह की सुविधा से बुजुर्ग महिलाओं को धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक यात्राओं में आर्थिक राहत मिलेगी।
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लोकमाता अहिल्याबाई के नाम पर कामकाजी महिलाओं के हॉस्टल
योगी आदित्यनाथ ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सुशासन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और महिला स्वावलंबन का उदाहरण पेश किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों और जिलों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जा रहे हैं।
इन छात्रावासों में प्रत्येक जगह करीब 500 कामकाजी महिलाओं के लिए निःशुल्क रहने की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई। सरकार का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर कई व्यवस्थाएं मजबूत की गई हैं। उन्होंने महिला बीट पुलिस, महिला हेल्पडेस्क, पिंक बूथ, वन स्टॉप सेंटर, सीसीटीवी और इंटीग्रेटेड हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख किया।
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