पलामू डीसी के नाम से साइबर अपराधियों ने फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाया। अधिकारियों-कर्मचारियों को मैसेज भेजे गए, प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।
पलामू: साइबर अपराधियों ने पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नाम से फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाकर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाने की कोशिश की है। पलामू डीसी के नाम पर फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाए जाने की जानकारी सामने आते ही जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। प्रशासन ने अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया कर्मियों और आम लोगों से ऐसे किसी भी संदिग्ध संदेश या कॉल पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

बताया गया है कि साइबर अपराधियों की ओर से बनाए गए फर्जी प्रोफाइल के जरिए जिले के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क साधने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित लोगों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना देने को कहा है।
डीसी के नाम और पहचान का इस्तेमाल
साइबर अपराधियों ने पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत के नाम का इस्तेमाल कर WhatsApp पर फर्जी प्रोफाइल तैयार की है। इसके जरिए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को संदेश भेजे जा रहे हैं।
ऐसे मामलों में अपराधी अक्सर किसी वरिष्ठ अधिकारी या महत्वपूर्ण पद पर बैठे व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करके सामने वाले व्यक्ति का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। इसके बाद उनसे संवेदनशील जानकारी, पैसे या किसी अन्य तरह की मदद मांगी जा सकती है।
फिलहाल जिला प्रशासन ने लोगों को किसी भी तरह के जल्दबाजी वाले निर्णय से बचने की सलाह दी है।
जिला प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
मामला संज्ञान में आने के बाद सूचना भवन स्थित जिला जनसंपर्क कार्यालय की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें अधिकारियों, कर्मचारियों, मीडिया प्रतिनिधियों और आम जनता को सावधान रहने की अपील की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपायुक्त या जिला प्रशासन के नाम से आने वाले किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या WhatsApp चैट पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करना चाहिए। आधिकारिक संवाद के लिए प्रामाणिक और निर्धारित माध्यमों का ही इस्तेमाल किया जाता है।
पलामू डीसी के नाम पर फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाए जाने की घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है और लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है।
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अनजान नंबर से आने वाले मैसेज की जांच जरूरी
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि किसी अनजान नंबर से डीसी, किसी सरकारी अधिकारी या जिला प्रशासन के नाम से संदेश आता है, तो पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करें।
किसी भी संदिग्ध WhatsApp प्रोफाइल की तस्वीर, नाम या पद देखकर उसे वास्तविक न मानें। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी से उनके आधिकारिक नंबर या निर्धारित सरकारी माध्यम से संपर्क कर पुष्टि की जा सकती है।
किसी संदिग्ध व्यक्ति की ओर से भेजे गए लिंक पर क्लिक करने, दस्तावेज डाउनलोड करने या व्यक्तिगत एवं वित्तीय जानकारी साझा करने से भी बचना चाहिए।
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