NEWS SAGA DESK:
आज के डिजिटल दौर में किसी भी जानकारी तक पहुंचना बेहद आसान हो गया है। मोबाइल उठाया, Google पर सवाल टाइप किया और कुछ ही सेकंड में जवाब सामने। मौसम की जानकारी हो, किसी शब्द का अर्थ, खाना बनाने की विधि, रास्ता ढूंढना या किसी सामान्य सवाल का जवाब इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है
आज के डिजिटल दौर में किसी भी जानकारी तक पहुंचना बेहद आसान हो गया है। मोबाइल उठाया, Google पर सवाल टाइप किया और कुछ ही सेकंड में जवाब सामने। मौसम की जानकारी हो, किसी शब्द का अर्थ, खाना बनाने की विधि, रास्ता ढूंढना या किसी सामान्य सवाल का जवाब इंटरनेट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन सुविधा के साथ एक सवाल भी उठता है कि क्या हर छोटी बात के लिए इंटरनेट पर निर्भर रहने से हमारी सोचने और याद रखने की आदत प्रभावित हो रही है

तकनीक अपने आप में समस्या नहीं है। असली परेशानी तब हो सकती है, जब हम किसी सवाल पर खुद विचार करने के बजाय तुरंत उसका जवाब ऑनलाइन तलाशने लगें। इससे दिमाग को जानकारी खोजने, याद करने और समस्या का समाधान निकालने की प्रक्रिया में कम मेहनत करनी पड़ती है।
कुछ साल पहले जब किसी सवाल का जवाब तुरंत उपलब्ध नहीं होता था, तो लोग अपनी याददाश्त, अनुभव और तर्क का सहारा लेते थे। किसी जानकारी को याद रखने के लिए उसे दोहराया जाता था या दोस्तों और परिवार के साथ उस पर चर्चा की जाती थी। अब तस्वीर बदल चुकी है। किसी अभिनेता का नाम याद नहीं आ रहा, किसी जगह की दूरी पता करनी है या कोई सामान्य जानकारी भूल गए हम तुरंत फोन निकालकर सर्च कर लेते हैं। धीरे-धीरे यह आदत दिमाग को खुद जवाब तलाशने की कोशिश से दूर कर सकती है।

इंटरनेट की आसान उपलब्धता के कारण हम कई बार जानकारी को याद रखने के बजाय यह याद रखते हैं कि उसे जरूरत पड़ने पर कहां से हासिल किया जा सकता है। फोन नंबर याद करने की जगह कॉन्टैक्ट लिस्ट, रास्ता याद रखने की जगह GPS और छोटी गणना के लिए कैलकुलेटर का इस्तेमाल इसका उदाहरण है। इन सुविधाओं का इस्तेमाल गलत नहीं है, लेकिन हर काम के लिए तकनीक पर निर्भरता मानसिक अभ्यास को कम कर सकती है।
किसी समस्या पर कुछ देर खुद सोचने से दिमाग संभावनाओं को समझता है, तर्क लगाता है और समाधान तक पहुंचने की कोशिश करता है। खासकर बच्चों और युवाओं में यह आदत विकसित करना जरूरी है कि वे किसी सवाल का जवाब पहले अपने स्तर पर खोजें और जरूरत पड़ने पर ही इंटरनेट की मदद लें।

इसका मतलब Google से दूरी बनाना बिल्कुल नहीं है। इंटरनेट पढ़ाई, नौकरी, शोध और रोजमर्रा के कामों में बेहद उपयोगी है। बेहतर तरीका यह है कि किसी सवाल का जवाब खोजने से पहले कुछ समय खुद सोचें। जवाब याद न आए या जानकारी की पुष्टि जरूरी हो, तभी ऑनलाइन सर्च करें।

जिस तरह शरीर को फिट रखने के लिए व्यायाम जरूरी है, उसी तरह दिमाग को सक्रिय रखने के लिए मानसिक अभ्यास भी जरूरी है। किताबें पढ़ना, पहेलियां हल करना, बातचीत करना, नई चीजें सीखना और छोटी गणनाएं खुद करना इस अभ्यास का हिस्सा हो सकता है।
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