बैंक हड़ताल 11 सितंबर से झारखंड में शुरू हो गई है। 30-35 हजार बैंक कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल पर हैं, जिससे 2 हजार से अधिक शाखाओं का काम प्रभावित होगा।
झारखंड में बैंक हड़ताल 11 सितंबर से शुरू हो गई है। राज्यभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कार्यरत करीब 30 से 35 हजार बैंक कर्मचारी और अधिकारी विभिन्न मांगों को लेकर काम से दूर हैं। बैंक यूनियनों के आह्वान पर कर्मचारी और अधिकारी अपने-अपने आंचलिक कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस हड़ताल का असर राज्य की 2 हजार से अधिक बैंक शाखाओं पर पड़ने की संभावना है। शुक्रवार की हड़ताल के बाद शनिवार और रविवार को बैंक अवकाश होने के कारण बैंकिंग कामकाज लगातार तीन दिनों तक प्रभावित रहेगा।
आंचलिक कार्यालयों के बाहर कर्मचारियों का प्रदर्शन
बैंक हड़ताल 11 सितंबर के दौरान रांची समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बैंक कर्मचारी और अधिकारी एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बैंक यूनियनों के नेतृत्व में आंचलिक और क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है।
रांची में ओवरब्रिज स्थित प्रधान टावर के सामने बैंक ऑफ इंडिया के कार्यालय, कचहरी चौक स्थित भारतीय स्टेट बैंक, कांटाटोली स्थित पंजाब नेशनल बैंक और अरगोड़ा चौक स्थित यूनियन बैंक समेत अन्य क्षेत्रीय कार्यालयों के बाहर कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए।
कई स्थानों पर प्रदर्शन के लिए तंबू भी लगाए गए हैं। बड़ी संख्या में महिला बैंक कर्मचारी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा ले रही हैं।
तीन दिन तक प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज
शुक्रवार को होने वाली हड़ताल के बाद दूसरा शनिवार और फिर रविवार की छुट्टी है। ऐसे में आम ग्राहकों को बैंक शाखाओं में नियमित सेवाओं के लिए सोमवार तक इंतजार करना पड़ सकता है।
हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और ऑनलाइन भुगतान जैसी सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है, लेकिन हड़ताल के कारण चेक क्लियरेंस, शाखा स्तर के काम और अन्य ऑफलाइन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि जरूरी बैंकिंग कार्यों की योजना पहले से बना लें और उपलब्ध डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करें।
इसे भी देखें...Ranchi में National Hockey Tournament का आगाज | 11 राज्यों की टीमें मैदान में
सितंबर में फिर तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल
ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी के अनुसार, यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक एक और तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
यानी अगर मौजूदा गतिरोध दूर नहीं होता है तो सितंबर में बैंकिंग सेवाओं पर एक बार फिर व्यापक असर देखने को मिल सकता है। यूनियनों की ओर से मांगों पर पहल नहीं होने की स्थिति में अक्टूबर के अंत से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।
No Comment! Be the first one.