GST Registration: दिल्ली हाईकोर्ट ने नए GST रजिस्ट्रेशन के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
नई दिल्ली: GST Registration को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम अंतरिम निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि देशभर में नए GST पंजीकरण के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जाए और इसके बिना नया GST नंबर जारी न किया जाए। अदालत का यह निर्देश फर्जी GST रजिस्ट्रेशन, PAN-Aadhaar के कथित दुरुपयोग और टैक्स चोरी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए आया है।

कोर्ट ने माना कि फर्जी पंजीकरण केवल सरकारी राजस्व के लिए नुकसानदेह नहीं है, बल्कि उन निर्दोष लोगों के लिए भी गंभीर परेशानी पैदा कर सकता है, जिनके PAN या Aadhaar दस्तावेज का उनकी जानकारी के बिना इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, यह फिलहाल एक अंतरिम न्यायिक निर्देश है और मामले में अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी।
फर्जी GST रजिस्ट्रेशन पर कोर्ट ने जताई चिंता
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने ऐसे मामले आए, जिनमें चोरी या फ्रीज किए गए PAN और Aadhaar विवरण का कथित तौर पर इस्तेमाल कर फर्जी GST पंजीकरण कराया गया था।
कोर्ट ने इस तरह की घटनाओं को गंभीर माना। फर्जी GST Registration के जरिए सरकारी खजाने को टैक्स के रूप में बड़ा नुकसान हो सकता है। इसके अलावा जिस व्यक्ति के दस्तावेज का इस्तेमाल किया जाता है, उसके नाम पर टैक्स देनदारी और अन्य कानूनी परेशानियां खड़ी होने का खतरा रहता है।
महिला के PAN-Aadhaar का कथित दुरुपयोग
अदालत के सामने एक याचिका में आरोप लगाया गया कि एक महिला के PAN और Aadhaar से जुड़ी जानकारी का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति ने कथित तौर पर फर्जी GST पंजीकरण कराने के लिए किया। इस मामले ने पहचान संबंधी दस्तावेजों की सुरक्षा और GST Registration प्रक्रिया में अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत को सामने रखा। अदालत के अनुसार, किसी निर्दोष नागरिक के दस्तावेज का गलत इस्तेमाल होने पर उसे बाद में अपनी बेगुनाही साबित करने और टैक्स संबंधी समस्याओं से निपटने में काफी परेशानी हो सकती है।
28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कथित टैक्स चोरी
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान संसद में वित्त मंत्रालय की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों पर भी गौर किया। आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2023-24 में चोरी या फ्रीज किए गए PAN-Aadhaar विवरण से जुड़े 2,800 फर्जी GST पंजीकरण पकड़े गए। इन मामलों में 15,085 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी जुड़ी थी।वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में 1,654 फर्जी GST पंजीकरण सामने आए, जिनसे 13,109 करोड़ रुपये की कथित टैक्स चोरी जुड़ी थी। दोनों वित्त वर्षों को मिलाकर ऐसे मामलों में कथित टैक्स चोरी की राशि 28,194 करोड़ रुपये बताई गई है। इन आंकड़ों ने GST Registration प्रक्रिया में पहचान सत्यापन को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।
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