TMC का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज, दोनों गुटों ने दिए विकल्प

TMC का नाम और ‘जोड़ाफूल’ चुनाव चिह्न EC ने अंतरिम तौर पर फ्रीज कर दिया है। ममता और ऋतब्रत गुट ने उपचुनाव के लिए नए विकल्प सौंपे हैं।

News Saga Desk

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। TMC का नाम और चुनाव चिह्न भारत निर्वाचन आयोग ने आगामी उपचुनावों से पहले अंतरिम तौर पर फ्रीज कर दिया है। इसका सीधा मतलब है कि ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी से जुड़े दोनों गुट फिलहाल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पार्टी के पारंपरिक ‘जोड़ाफूल’ यानी ‘Flowers and Grass’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। आयोग ने दोनों पक्षों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प देने को कहा था।

यह फैसला नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले आया है। चुनाव आयोग के अनुसार, दोनों गुट पार्टी पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं और मूल पार्टी की पहचान को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है। इसलिए अंतरिम व्यवस्था के तहत दोनों पक्षों को अलग पहचान के साथ चुनाव लड़ने की व्यवस्था की गई है।

TMC का नाम और चुनाव चिह्न क्यों हुआ फ्रीज?

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए TMC का नाम और चुनाव चिह्न फिलहाल इस्तेमाल करने पर रोक लगाई। आयोग ने कहा कि पार्टी की संगठनात्मक स्थिति और नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के दावे हैं, जबकि आगामी उपचुनावों के लिए अंतिम निर्णय की प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है।

आयोग ने अपने अंतरिम फैसले को दोनों प्रतिद्वंद्वी समूहों को समान स्थिति में रखने और उनके अधिकारों की रक्षा से जोड़कर बताया है। दोनों पक्षों को आयोग की उपलब्ध ‘फ्री सिंबल’ सूची में से अलग-अलग चुनाव चिह्न चुनने की प्रक्रिया अपनानी होगी।

दोनों गुटों ने सौंपे वैकल्पिक विकल्प

आयोग ने दोनों गुटों से 18 सितंबर सुबह 11 बजे तक तीन वैकल्पिक नाम और तीन चुनाव चिह्नों की पसंद देने को कहा था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने गुरुवार रात आयोग को अपनी पसंद भेज दी। रिपोर्टों के अनुसार, यह जवाब विरोध दर्ज कराते हुए भेजा गया।

TMC

दूसरी ओर, ऋतब्रत बनर्जी से जुड़े गुट ने भी विकल्पों पर विचार कर आयोग को अपनी पसंद सौंपने की प्रक्रिया पूरी की। उपलब्ध रिपोर्टों में इस गुट द्वारा ‘तृणमूल’ शब्द को नए नाम में बनाए रखने की इच्छा की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में प्रस्तावित विकल्पों के विवरण में अंतर है, इसलिए अंतिम आवंटित नाम और चिह्न को आयोग की आधिकारिक घोषणा के अनुसार ही देखा जाना चाहिए।

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उपचुनाव में क्या बदलेगा

TMC का नाम और चुनाव चिह्न फ्रीज होने का सबसे सीधा असर आगामी उपचुनाव के बैलेट/ईवीएम पर दिखाई देगा। दोनों गुट पुराने पार्टी नाम और आरक्षित चुनाव चिह्न के साथ उम्मीदवार नहीं उतार सकेंगे। उन्हें आयोग द्वारा तय किए गए अलग नाम और उपलब्ध चुनाव चिह्न के साथ मैदान में उतरना होगा।

नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों के उपचुनाव 6 अक्टूबर को निर्धारित हैं। दोनों गुटों ने पहले ही अपने-अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इसलिए चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से नई पहचान का आवंटन महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम है।

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