झारखंड वन विभाग में 9 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 18 सितंबर के आदेश में विभिन्न वन प्रक्षेत्र और प्रमंडलों की जिम्मेदारी सौंपी गई।
रांची: झारखंड वन विभाग में रिक्त पदों के कारण प्रभावित हो रहे कामकाज को सुचारू रखने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। झारखंड वन विभाग में बड़ा फेरबदल करते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने नौ वन क्षेत्र पदाधिकारियों और सहायक वन संरक्षकों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इससे संबंधित आदेश 18 सितंबर 2026 को जारी किया गया।

विभाग के अनुसार, कई वन प्रक्षेत्र और वन प्रमंडलों में पद रिक्त हैं। ऐसे में नियमित प्रशासनिक और वन संबंधी कार्यों में परेशानी न हो, इसके लिए मौजूदा अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। विभागीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रीय पदाधिकारियों से प्राप्त सुझावों के बाद यह व्यवस्था की गई है।
रिक्त पदों की वजह से लिया गया फैसला
विभागीय आदेश के मुताबिक, जिन अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, उन्हें अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त वन प्रक्षेत्र या वन प्रमंडल का काम भी देखना होगा। इसका उद्देश्य रिक्त पदों के कारण विभागीय गतिविधियों पर पड़ रहे असर को कम करना और प्रशासनिक कामकाज को लगातार जारी रखना है। इस व्यवस्था के तहत पश्चिमी सिंहभूम, चतरा, पाकुड़, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका और जामताड़ा समेत कई इलाकों के वन प्रक्षेत्र शामिल हैं।
हालांकि, यह व्यवस्था स्थायी नियुक्ति नहीं है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित पदों पर सरकार द्वारा नए अधिकारी की नियुक्ति किए जाने के बाद अतिरिक्त प्रभार स्वतः समाप्त हो जाएगा।
इन 9 अधिकारियों को मिली अतिरिक्त जिम्मेदारी
1. जितेंद्र प्रसाद सिंह
नोवामुंडी वन प्रक्षेत्र में वन क्षेत्र पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह को सोंगर वन प्रक्षेत्र, चक्रधरपुर के साथ कोटगढ़, कुंडलीगुटू तथा शोध एवं मूल्यांकन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
2. रामनन्दन राम
कोयना वन प्रक्षेत्र के वन क्षेत्र पदाधिकारी रामनन्दन राम को बेरोन वन प्रक्षेत्र, आनंदपुर और गुदड़ी के साथ सारंडा वन प्रमंडल के संबंधित प्रक्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
3. बबलू कुमार देहरी
पाकुड़ में वन क्षेत्र पदाधिकारी बबलू कुमार देहरी को अमड़ापाड़ा और हिरणपुर वन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
4. देवेंद्र प्रसाद
कुजू के वन क्षेत्र पदाधिकारी देवेंद्र प्रसाद को सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र, विष्णुगढ़ और पेटरवार का काम देखने की जिम्मेदारी मिली है।
5. सुरेश राम
सहायक वन संरक्षक सुरेश राम को दारू वन प्रक्षेत्र और हंटरगंज वन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
6. अनिल कुमार
सहायक वन संरक्षक अनिल कुमार को चास वन प्रक्षेत्र के साथ बोकारो वन प्रमंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
7. कुमारी मित्ती कुमारी
सहायक वन संरक्षक कुमारी मित्ती कुमारी को देवघर प्रादेशिक प्रक्षेत्र तथा सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र, मधुपुर और सारठ का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
8. लेखर राम रवि
दुमका के वन क्षेत्र पदाधिकारी लेखर राम रवि को हिजला पूर्वी वन प्रक्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
9. मृत्युंजय कुमार
जामताड़ा के वन क्षेत्र पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार को सामाजिक वानिकी प्रक्षेत्र, शिकारीपाड़ा तथा दुमका का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
झारखंड वन विभाग में बड़ा फेरबदल फिलहाल रिक्त पदों को भरने तक की प्रशासनिक व्यवस्था के तौर पर किया गया है। सरकार की ओर से संबंधित पद पर नियमित अधिकारी की नियुक्ति होते ही संबंधित अतिरिक्त प्रभार समाप्त हो जाएगा। आदेश में यह भी प्रावधान है कि सरकार या प्रधान मुख्य वन संरक्षक आवश्यकता के अनुसार इस व्यवस्था में बदलाव कर सकते हैं। यानी प्रशासनिक जरूरत और विभागीय परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में अतिरिक्त प्रभार में संशोधन संभव है।
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