मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क के कुछ हिस्सों में बड़ी दरारें आने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। NHAI की टीम ने जांच शुरू कर दी है।
News Saga Desk
मुंगेर: बिहार की महत्वाकांक्षी मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन सड़क परियोजना उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस हाईटेक सड़क के कुछ हिस्सों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सड़क के प्रभावित हिस्से में दरार आने की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। इसके बाद विशेष तकनीकी टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और दरारों के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सड़क में दरार के बाद मचा हड़कंप
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन का निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसके पूरा होने से मुंगेर, भागलपुर और मिर्जाचौकी के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
लेकिन उद्घाटन से पहले ही सड़क के कुछ हिस्सों में दरारें आने से निर्माण एजेंसी की कार्यशैली और इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि दरारें किस वजह से आई हैं।
मिट्टी धंसने या निर्माण सामग्री में गड़बड़ी की आशंका
शुरुआती जांच में सड़क के नीचे की मिट्टी धंसने या निर्माण में इस्तेमाल सामग्री से जुड़ी तकनीकी समस्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, NHAI की तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही दरारों की वास्तविक वजह सामने आएगी।
अधिकारियों की टीम प्रभावित हिस्से की संरचना, सड़क की सतह और निर्माण से जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रभावित हिस्से की मरम्मत शुरू
दरार सामने आने के बाद सड़क के प्रभावित पैच को ठीक करने का काम भी शुरू कर दिया गया है। संबंधित एजेंसी की ओर से मरम्मत कार्य तेजी से कराया जा रहा है, ताकि सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न हो।
NHAI अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। जांच में यदि किसी निर्माण एजेंसी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
करीब 4000 करोड़ की है परियोजना
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में माना जा रहा है। इसके पूरा होने से यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ मुंगेर, भागलपुर और मिर्जाचौकी के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
ऐसे में परियोजना के निर्माण में किसी भी तरह की तकनीकी खामी सीधे सड़क की मजबूती और भविष्य की यातायात सुरक्षा से जुड़ती है। यही वजह है कि उद्घाटन से पहले सामने आई दरारों ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल NHAI की तकनीकी टीम सड़क में आई दरारों की वजह तलाशने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि समस्या मिट्टी धंसने, निर्माण सामग्री, डिजाइन या किसी अन्य तकनीकी कारण से हुई है। अब लोगों की नजर NHAI की जांच रिपोर्ट और मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर है। बड़ी परियोजना होने के कारण सड़क के निर्माण और गुणवत्ता मानकों को लेकर आने वाले दिनों में भी यह मामला चर्चा में रहने की संभावना है।
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