छठ से पहले दिल्ली से बिहार के लिए बस सेवा, 18 रूट प्रस्तावित, पहले 2-3 रूट से हो सकता है आगाज

छठ पूजा से पहले दिल्ली और बिहार के बीच बस सेवा शुरू करने की तैयारी है। 18 रूट प्रस्तावित हैं, जबकि पहले चरण में 2-3 रूट पर बसें चल सकती हैं।

News Saga Desk

दिल्ली में रहने वाले बिहार के लोगों के लिए छठ पूजा से पहले राहत की खबर है। त्योहार के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और कन्फर्म टिकट की परेशानी को देखते हुए दिल्ली बिहार बस सेवा 2026 शुरू करने की तैयारी की जा रही है। दिल्ली सरकार ने बिहार के अलग-अलग शहरों को जोड़ने वाले कई अंतरराज्यीय बस रूट प्रस्तावित किए हैं। हालांकि अभी रूट, किराया और सेवा शुरू होने की अंतिम तारीख तय नहीं हुई है।

पहले चरण में 2-3 रूट पर शुरू हो सकती है बस सेवा

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने प्रस्तावित पारस्परिक परिवहन समझौते पर मिले सुझावों की समीक्षा के लिए एक कमिटी गठित की है। कमिटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद रूट, किराया और बस संचालन से जुड़ी दूसरी शर्तों को सार्वजनिक किया जाएगा।

रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली बिहार बस सेवा 2026 के पहले चरण में 2 या 3 चुनिंदा रूट पर बसों का परिचालन शुरू किया जा सकता है। यात्रियों की संख्या और मांग को देखते हुए बाद में अन्य रूट भी जोड़े जा सकते हैं।

18 रूट की पहचान, पटना के लिए चार प्रस्तावित

दिल्ली और बिहार के बीच बस सेवा को लेकर अगस्त 2026 में पारस्परिक परिवहन समझौते का ड्राफ्ट तैयार किया गया था। इसके तहत करीब 18 संभावित रूट की पहचान की गई है। प्रस्तावित नेटवर्क में पटना के अलावा बिहार शरीफ, अररिया, भागलपुर, बक्सर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, गया, किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और नवादा जैसे शहर शामिल हैं। दिल्ली-पटना के लिए चार रूट प्रस्तावित किए गए हैं।

कुछ प्रस्तावित दूरी इस प्रकार बताई गई है:

  • दिल्ली-पटना: करीब 1,045 से 1,182 किमी
  • दिल्ली-बिहार शरीफ: करीब 1,109 किमी
  • दिल्ली-अररिया: करीब 1,348 किमी
  • दिल्ली-भागलपुर: करीब 1,280 किमी
  • दिल्ली-बक्सर: करीब 915 किमी
  • दिल्ली-दरभंगा: करीब 1,167 किमी
  • दिल्ली-पूर्वी चंपारण: करीब 1,043 किमी
  • दिल्ली-गया: करीब 1,078 किमी
  • दिल्ली-किशनगंज: करीब 1,416 किमी
  • दिल्ली-मधुबनी: करीब 1,198 किमी
  • दिल्ली-मुजफ्फरपुर: करीब 1,110 किमी
  • दिल्ली-नवादा: करीब 1,206 किमी

किशनगंज वाला प्रस्तावित रूट करीब 1,416 किलोमीटर के साथ सबसे लंबी दूरी वाले रूटों में है।

बसों के लिए प्रदूषण मानकों का भी प्रावधान

प्रस्तावित परिवहन समझौते में बसों के प्रदूषण मानकों को लेकर भी प्रावधान शामिल हैं। इसके तहत CNG और इलेक्ट्रिक बसों को अनुमति देने की बात है। वहीं डीजल बसों के लिए BS-VI या उससे नए उत्सर्जन मानकों का पालन जरूरी होगा।इससे अंतरराज्यीय बस सेवा के संचालन में पर्यावरणीय मानकों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

सरकारी और निजी बस ऑपरेटरों की भूमिका

फिलहाल दिल्ली और बिहार के बीच कई निजी बस ऑपरेटर सेवाएं देते हैं, लेकिन प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को व्यवस्थित तरीके से बढ़ाना है। प्रस्ताव के तहत निर्धारित नियमों और शर्तों के आधार पर निजी बस ऑपरेटरों को भी संचालन की अनुमति मिल सकती है।

पहले से सामने आई एक रिपोर्ट में दिल्ली-बिहार के बीच 24 परमिट का प्रस्ताव भी बताया गया था, जिसमें दोनों राज्यों के लिए 12-12 परमिट की व्यवस्था का उल्लेख था। हालांकि मौजूदा प्रस्ताव में अंतिम रूट और संचालन की शर्तें कमिटी की रिपोर्ट और समझौते के अंतिम रूप के बाद ही स्पष्ट होंगी।

छठ से पहले सेवा शुरू करने की तैयारी

दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों की संख्या त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है। खासकर छठ पूजा के समय बिहार जाने वाली ट्रेनों में टिकट की मांग काफी बढ़ती है। ऐसे में प्रस्तावित दिल्ली बिहार बस सेवा 2026 यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकती है। फिलहाल सरकार की कोशिश दिवाली और छठ पूजा से पहले शुरुआती 2-3 रूट पर बस सेवा शुरू करने की बताई जा रही है। हालांकि यात्रियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि अभी अंतिम रूट, किराया, बसों की संख्या और सेवा शुरू होने की तारीख आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है। कमिटी की रिपोर्ट और दोनों राज्यों के बीच समझौता अंतिम रूप लेने के बाद इन जानकारियों को स्पष्ट किया जाएगा।

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