भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीता। भारत ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी का डंका बज रहा है। महिला हॉकी टीम के स्वर्णिम इतिहास रचने के बाद अब भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। शनिवार को खेले गए एकतरफा फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस ऐतिहसिक जीत के साथ ही भारतीय पुरुष टीम ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों के लिए भी सीधे तौर पर क्वालीफाई कर लिया है।

एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार बना यह महा-रिकॉर्ड : एशियन गेम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जब भारत की महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण (2026) में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा है। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने चीन को हराकर 44 साल बाद गोल्ड जीता था, और अब पुरुष टीम ने भी अपना परचम लहराकर देश को दोहरा जश्न मनाने का अवसर दिया है।
कप्तान हरमनप्रीत और जुगराज ने दिलाई शुरुआती बढ़त : फाइनल मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। मैच के 12वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी बेहतरीन ड्रैग-फ्लिक से गोल में बदलकर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। हालांकि, मलेशिया ने पलटवार करते हुए एक लंबे शॉट के जरिए भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा को चकमा देकर मैच में 1-1 की बराबरी कर ली।
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