नोएडा में 72 साल के बुजुर्ग से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर ₹27.54 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
साइबर अपराधियों का दुस्साहस दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित थाना साइबर क्राइम क्षेत्र में एक 72 वर्षीय बुजुर्ग को शेयर बाजार में भारी-भरकम रिटर्न का लालच देकर 27 लाख 54 हजार रुपये की चपत लगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शेयर ट्रेडिंग और भारी रिटर्न का झांसा
पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) प्रीति यादव/श्रीमती शैव्या गोयल के अनुसार, रजनीश त्यागी (72 वर्ष), पुत्र राम नारायण सिंह त्यागी, निवासी सेक्टर-29 नोएडा ने थाना साइबर क्राइम में एफआईआर दर्ज कराई है। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि कुछ समय पूर्व अज्ञात साइबर अपराधियों ने मोबाइल फोन पर उनसे संपर्क साधा था। ठगों ने खुद को शेयर बाजार का विशेषज्ञ बताते हुए दावा किया कि यदि वे उनके बताए माध्यम से निवेश करेंगे, तो उन्हें बेहद कम समय में मोटा मुनाफा प्राप्त होगा।
बुजुर्ग को अपने जाल में फंसाने के बाद अपराधियों ने उनसे एक फर्जी/अनधिकृत मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाया और उसमें एक ट्रेडिंग अकाउंट खुलवा दिया।
फर्जी ऐप में बढ़ता दिखा मुनाफा, निकासी पर मांगने लगे ‘टैक्स’
झांसे में आकर पीड़ित रजनीश त्यागी ने साइबर अपराधियों के निर्देशानुसार अलग-अलग किस्तों और खातों में कुल 27,54,000 रुपये जमा कर दिए। ऐप के डैशबोर्ड पर पीड़ित को उनका जमा पैसा और उस पर हुआ मुनाफा काफी बढ़ा-चढ़ाकर प्रदर्शित किया जा रहा था, जिससे उन्हें यकीन हो गया कि उनका निवेश सुरक्षित है और अच्छा मुनाफा दे रहा है।
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित ने ऐप में दिख रही रकम को अपने बैंक खाते में निकालने (Withdrawal) का प्रयास किया। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो साइबर ठगों ने कहा कि रकम की निकासी के लिए उन्हें पहले ‘टैक्स’ और ‘सर्विस चार्ज’ के रूप में अतिरिक्त राशि जमा करानी होगी। बार-बार और पैसों की मांग किए जाने पर पीड़ित को ठगे जाने का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस का रुख किया।थाना साइबर क्राइम पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की टीम उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है, जिनका इस्तेमाल इस वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देने में किया गया है।
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