चाईबासा में नशे में वाहन चलाने वाले दो चालक गिरफ्तार हुए। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
News Saga Desk
पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा में नशे में वाहन चलाने वाले दो चालक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए हैं। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के उद्देश्य से बुधवार रात सरायकेला मोड़ के पास सघन वाहन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान ब्रेथ एनालाइजर से वाहन चालकों की जांच की गई, जिसमें दो चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए।
जांच अभियान जिला परिवहन विभाग और मुफस्सिल थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने चलाया। कार्रवाई के दौरान दोनों चालकों के वाहन जब्त कर मुफस्सिल थाना ले जाए गए। पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ाई गई निगरानी
जिला प्रशासन की ओर से सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच अभियान तेज किया गया है। इसी क्रम में चाईबासा जिला मुख्यालय के सरायकेला मोड़ के समीप बुधवार रात वाहनों की सघन जांच की गई।
मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने आने-जाने वाले वाहनों को रोककर आवश्यक जांच की। विशेष रूप से शराब के नशे में वाहन चलाने वाले चालकों की पहचान के लिए ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया। इसी जांच में नशे में वाहन चलाने वाले दो चालक पकड़े गए।
ब्रेथ एनालाइजर से हुई जांच
अभियान के दौरान वाहन चालकों को रोककर शराब सेवन की जांच की गई। जांच में दो चालक नशे की हालत में वाहन चलाते मिले। पुलिस ने तत्काल दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की।

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत दोनों चालकों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा उनके वाहनों को जब्त कर मुफस्सिल थाना परिसर में रखा गया। पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन नशे में वाहन चलाने जैसे मामलों पर सख्त रुख अपना रहा है।
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हेलमेट और सीट बेल्ट की भी जांच
अभियान केवल शराब पीकर वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहा। पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने दोपहिया वाहनों पर सवार लोगों के हेलमेट की जांच की। वहीं चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट के इस्तेमाल को भी देखा गया।
इसके साथ ही वाहन चालकों से ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मौके पर ही नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई।
इस तरह की जांच से प्रशासन का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना भी है।
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