भागलपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने 50.4 लीटर अवैध विदेशी शराब जब्त की। तीन लावारिस बोरियों से 280 टेट्रा पैक मिले। सीसीटीवी फुटेज से जांच जारी है।
News Saga Desk
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर अवैध शराब बरामद होने का मामला सामने आया है। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून के अनुपालन के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने स्टेशन परिसर में जांच के दौरान 50.4 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। यह शराब तीन लावारिस बोरियों में रखी हुई थी। बोरियों से 180 एमएल के कुल 280 टेट्रा पैक बरामद किए गए। कार्रवाई के बाद शराब की खेप को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उत्पाद विभाग, भागलपुर को सौंप दिया गया है। वहीं, आरपीएफ अब सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि शराब को स्टेशन पर किसने पहुंचाया था।
स्टेशन पर विशेष जांच अभियान के दौरान मिली शराब
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान आरपीएफ की टीम को प्लेटफॉर्म संख्या 4 और 5 के बीच बने मिडिल फुटओवर ब्रिज के पास तीन संदिग्ध बोरियां दिखाई दीं।
बोरियां काफी देर तक वहां पड़ी रहीं, लेकिन किसी यात्री या अन्य व्यक्ति ने उन पर अपना दावा नहीं किया। इसके बाद सुरक्षा बलों ने संदिग्ध सामान को अपने कब्जे में लेकर उसकी तलाशी लेने का निर्णय लिया। जांच के दौरान बोरियों के भीतर विदेशी शराब के टेट्रा पैक मिले।
शराब की खेप मिलने के बाद आरपीएफ ने उसे जब्त कर लिया। इस कार्रवाई को बिहार में लागू शराबबंदी कानून के तहत अवैध शराब की आवाजाही पर निगरानी के प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है।
280 टेट्रा पैक में मिली 50.4 लीटर विदेशी शराब
तलाशी के दौरान बरामद शराब की मात्रा 50.4 लीटर बताई गई है। आरपीएफ के अनुसार, बोरियों में 180 एमएल वाले कुल 280 टेट्रा पैक रखे हुए थे। बरामद शराब को जब्ती की प्रक्रिया पूरी करने के बाद सुरक्षित रखा गया और आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को सौंप दिया गया।
शराब की इस खेप को लेकर फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि इसे कहां से लाया गया था और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। यह भी स्पष्ट नहीं है कि शराब को किसी यात्री के सामान के रूप में लाया गया था या किसी अन्य तरीके से स्टेशन परिसर में रखा गया था।

इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा। फिलहाल आरपीएफ का ध्यान शराब की खेप को स्टेशन तक लाने वाले व्यक्ति की पहचान करने पर है।
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आरपीएफ पोस्ट कमांडर अमित कुमार गिरि के पर्यवेक्षण में कार्रवाई
यह कार्रवाई आरपीएफ पोस्ट कमांडर अमित कुमार गिरि के पर्यवेक्षण में की गई। स्टेशन परिसर में चलाए जा रहे जांच अभियान के दौरान संदिग्ध बोरियों की पहचान होने के बाद सुरक्षा बलों ने नियमानुसार तलाशी ली और शराब को जब्त किया।
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों पर यात्रियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में लावारिस सामान की जांच सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। संदिग्ध वस्तुओं की समय पर पहचान करने से अवैध गतिविधियों का पता लगाने और संभावित सुरक्षा जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी या पहचान की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए शराब की खेप के पीछे शामिल लोगों के बारे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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