झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के बीच नेमरा से जनहित के कार्यों में जुटे हैं। लोगों की समस्याएं सुन अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए।
News Saga Desk
रामगढ़: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पूजनीय माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के बीच भी जनसेवा से जुड़े हुए हैं। अपने पैतृक गांव नेमरा में पारिवारिक रीति-रिवाजों का पालन करने के साथ-साथ मुख्यमंत्री सरकारी कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। इस दौरान वह विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दे रहे हैं।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन के निधन के बाद नेमरा में शोक और संवेदना का माहौल है। दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोग पहुंच रहे हैं। लोग उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तथा उनकी पत्नी कल्पना सोरेन से मिलकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

नेमरा में मुख्यमंत्री ने सुनीं आम लोगों की समस्याएं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करने के लिए मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग नेमरा पहुंचे। लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कई लोगों ने अपनी शिकायतों और मांगों से संबंधित लिखित आवेदन भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
गिरिडीह जिले के केश्वरी गांव निवासी माधो पासवान अपनी दृष्टिबाधित पुत्री कालो कुमारी के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। उन्होंने अपनी जमीन को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी।
वहीं, रांची जिले के सिल्ली प्रखंड के हाकेदाग निवासी विश्राम बेदिया ने अपनी बीमार पत्नी एतवारी देवी के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया। रामगढ़ जिले के हेठबरगा निवासी राज बेदिया ने रोजगार उपलब्ध कराने और दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने से संबंधित समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी।
इसके अलावा, रामगढ़ जिले के सोंकी गांव के एक युवक ने अपने भाई अनू कुमार बेदिया की मृत्यु के बाद मुआवजा भुगतान कराने की मांग की। मुख्यमंत्री ने इन मामलों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने समस्याओं की जांच कर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
श्राद्धकर्म में शामिल होने वाले लोगों के लिए व्यापक तैयारी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अपनी माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के दशकर्म और संस्कार भोज कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। उन्होंने आगंतुकों की सुरक्षा, वाहनों की पार्किंग, यातायात प्रबंधन और अन्य जरूरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
गोला चौक पर छोटा गोलंबर बनाने का निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रामगढ़ जिले के गोला चौक पर छोटा गोलंबर या सर्किल बनाने का निर्देश भी दिया। इसका उद्देश्य चारों दिशाओं से आने वाले वाहनों की आवाजाही को आसान बनाना और यातायात व्यवस्था को बेहतर करना है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इस व्यवस्था से चौक पर यातायात का संचालन सुगम हो और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके। इससे स्थानीय लोगों और इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
नेमरा में शोक और संवेदना का माहौल
स्वर्गीय रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि देने के लिए लगातार लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। जनप्रतिनिधि, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग तथा आम नागरिक नेमरा पहुंचकर शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
मां के निधन से दुखी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं को भी सुन रहे हैं। नेमरा से ही जनहित से जुड़े मामलों पर अधिकारियों को निर्देश देने और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा करने का उनका सिलसिला जारी है।
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