बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक और कार्रवाई की है। मंगलवार को पटना से पहुंची टीम ने शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार को कथित तौर पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
NEWS SAGA DESK
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने एक और कार्रवाई की है। मंगलवार को पटना से पहुंची टीम ने शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में पंचायत रोजगार सेवक प्रफुल्ल कुमार को कथित तौर पर 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि मनरेगा के काम की मापी पुस्तिका भरने के बदले यह रकम ली जा रही थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पटना ले जाया गया, जहां उसे विशेष न्यायालय में पेश किया जाना है।
जानकारी के अनुसार, प्रफुल्ल कुमार शेखपुरा जिले के चेवाड़ा प्रखंड स्थित कपासी गांव के निवासी हैं। वह पिछले एक साल से अरियरी प्रखंड की हजरतपुर मड़रो पंचायत में पंचायत रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि पंचायत समिति की योजना के तहत मनरेगा में चल रहे काम की मापी पुस्तिका भरने के लिए 30 हजार रुपये लिए जा रहे थे।
इसी मामले में निगरानी विभाग की टीम ने पहले से जाल बिछाया था। जैसे ही प्रफुल्ल कुमार प्रखंड मुख्यालय फरपर के बाहर सड़क पर कथित तौर पर रिश्वत की रकम ले रहे थे, टीम ने उन्हें पकड़ लिया। खबरों के मुताबिक, गिरफ्तारी के दौरान उन्होंने भागने की कोशिश भी की, लेकिन सफल नहीं हो सके।
शेखपुरा जिले में निगरानी विभाग की यह कार्रवाई करीब एक महीने के भीतर दूसरी गिरफ्तारी बताई जा रही है। इससे पहले 8 सितंबर को जिला परिवहन कार्यालय में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर कुनाल कुमार को कथित तौर पर 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने जिले में सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के मामलों को फिर चर्चा में ला दिया है।
शेखपुरा जिले में इससे पहले भी निगरानी विभाग की अलग-अलग कार्रवाइयों में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, अनुमंडल दंडाधिकारी के पेशकार, पुलिस अवर निरीक्षक, शिक्षा कार्यालय के लिपिक और भू-सर्वे से जुड़े कर्मचारी शामिल बताए गए हैं।
निगरानी विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी कामकाज में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाना है। ताजा मामले में पंचायत रोजगार सेवक की गिरफ्तारी के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया की जाएगी। मामले में आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
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