पलामू के हुसैनाबाद में बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर चोरी की तीन मोटरसाइकिलें और दो स्मार्टफोन बरामद किए।
News Saga Desk
पलामू: झारखंड और बिहार के विभिन्न इलाकों में बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह का पलामू पुलिस ने पर्दाफाश किया है। हुसैनाबाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें और दो स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य करीब तीन वर्षों से बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। चोरी की मोटरसाइकिलों को कम कीमत पर बेच दिया जाता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी की दूसरी घटनाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है।
वाहन जांच के दौरान पकड़ा गया संदिग्ध
हुसैनाबाद के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) दिव्यांश शुक्ल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी के निर्देश पर थाना प्रभारी चंदन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गिरोह के खिलाफ कार्रवाई कर रही थी।
इसी क्रम में 12 अक्टूबर की रात बराही धाम जाने वाले रास्ते पर वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। जांच के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक सवार को पकड़ा। उससे पूछताछ करने पर पुलिस को बाइक चोरी से जुड़े गिरोह के बारे में अहम जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस टीम ने मिली जानकारी के आधार पर दंगवार स्कूल मैदान में छापेमारी की। इस कार्रवाई में दो अन्य युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपितों के पास से चोरी की मोटरसाइकिलें और दो स्मार्टफोन बरामद किए।

बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले हैं तीनों आरोपित
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बिहार के औरंगाबाद जिले के नवीनगर थाना क्षेत्र निवासी ऋषु कुमार (19), अभिषेक कुमार (19) और आयुष कुमार (18) के रूप में की है।
पुलिस के मुताबिक, तीनों युवकों से पूछताछ के दौरान बाइक चोरी की कई वारदातों से जुड़े सुराग मिले हैं। गिरोह की गतिविधियां झारखंड और बिहार के अलग-अलग इलाकों में फैली हुई थीं। पुलिस बरामद मोटरसाइकिलों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है, ताकि उनके वास्तविक मालिकों की पहचान की जा सके।
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छह से अधिक इलाकों में बाइक चोरी की वारदातें
प्रारंभिक पुलिस जानकारी के अनुसार, गिरोह हुसैनाबाद, अंबा, टंडवा, नवीनगर, कुटुंबा और औरंगाबाद समेत विभिन्न इलाकों में सक्रिय था। आरोपित कथित तौर पर अलग-अलग स्थानों से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे और बाद में उन्हें कम कीमत पर बेच देते थे।
करीब तीन वर्षों से चल रही इन गतिविधियों के कारण पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने अब तक कितनी मोटरसाइकिलें चोरी की हैं और चोरी के वाहनों को किन लोगों को बेचा गया है।
बरामद तीन मोटरसाइकिलें इस मामले में अहम सुराग मानी जा रही हैं। इनके आधार पर पुलिस अन्य संभावित मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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