बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात ‘अर्नब’ ने झारखंड के कोल्हान क्षेत्र में दस्तक दे दी है। भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जिलों में स्कूल बंद और ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। जानें झारखंड मौसम का ताजा हाल।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Arnab) अब तटीय इलाकों से आगे बढ़ते हुए झारखंड तक पहुंच चुका है। इस चक्रवात ने मंगलवार शाम कोल्हान के रास्ते झारखंड में धमाकेदार और खतरनाक प्रवेश किया। तूफान के असर से राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। मंगलवार शाम करीब चार बजे से ही राज्य के विभिन्न इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

कई जिलों में स्कूल बंद और ट्रेनें रद्द
चक्रवात के गंभीर खतरे और भारी बारिश की चेतावनी को पूरी गंभीरता से लेते हुए झारखंड सरकार और जिला प्रशासन ने एहतियातन कड़े कदम उठाए हैं। संभावित खतरे से निपटने के लिए पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, रांची, खूंटी, लोहरदगा, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां जिले में सभी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है। बच्चों और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, लगातार खराब हो रहे मौसम और पटरियों पर सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को भी रद्द या उनके मार्ग में बदलाव किया है, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
कोल्हान क्षेत्र में दिखा तूफान का सबसे ज्यादा असर
चक्रवात ‘अर्नब’ का सबसे विकराल रूप कोल्हान प्रमंडल के घाटशिला, गालूडीह, चाकुलिया, मुसाबनी और बहरागोड़ा जैसे इलाकों में देखने को मिला। जैसे ही शाम ढली, इन क्षेत्रों में आसमान में घने काले बादल छा गए और अंधेरा फैल गया। तेज आंधी के कारण जमशेदपुर के जुगसलाई समेत कई प्रमुख क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई।
घाटशिला अनुमंडल और सरायकेला के राजनगर में भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं, नारगा हाट में चली तेज हवाओं के झोंके से कई दुकानों के ऊपर लगे प्लास्टिक और टिन शेड उड़ गए। बहरागोड़ा में तो स्थिति और भी नाटकीय रही, जहां तेज आंधी के कारण दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के पावन अवसर पर बनाया गया एक विशाल पंडाल उड़कर पास के तालाब में जा गिरा। इसके अलावा, मौसम की बेरुखी के चलते कोलकाता से आने वाले प्रसिद्ध आर्केस्ट्रा कार्यक्रम को भी अंतिम समय में रद्द करना पड़ा। पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी क्षेत्र में भी शाम के वक्त झमाझम बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
मौसम विभाग का यलो अलर्ट और किसानों की बढ़ती चिंताएं
झारखंड के मौसम केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बुधवार को भी कोल्हान क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई है। इसे लेकर विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। इस चक्रवाती तूफान के अप्रत्याशित प्रभाव से झारखंड के अन्य हिस्सों में भी तेज आंधी और बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।
इस बेमौसम बारिश और खराब मौसम के अनुमान ने राज्य के अन्नदाताओं यानी किसानों की रातों की नींद उड़ा दी है। धनबाद समेत पूरे कोयलांचल क्षेत्र और अन्य कृषि प्रधान जिलों में किसान अपनी धान की पकी हुई फसल को लेकर बेहद चिंतित और परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसल पर मंडरा रहे खतरे के बादल किसानों के महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकते हैं। मौसम विभाग और जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
No Comment! Be the first one.