बिहार के रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में IAS धर्मेंद्र कुमार से ED ने 7 घंटे पूछताछ की। ठेकेदार द्वारा यूरोप यात्रा का खर्च उठाने और टेंडर आवंटन में गड़बड़ी पर 40 से ज्यादा सवाल पूछे गए।
बिहार के बहुचर्चित रिशु श्री टेंडर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में बुधवार को ईडी की पटना स्थित क्षेत्रीय टीम ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से मैराथन पूछताछ की। सुबह 11 बजे से शाम लगभग 6 बजे तक चली 7 घंटे की इस सघन पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने सरकारी निविदाओं में अनियमितता, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और धन शोधन (Money Laundering) को लेकर तीखे सवाल पूछे।

जांच अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान रिशु श्री और अधिकारियों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट के अंश और कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने रखे। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने करीब 40 से अधिक सवाल पूछे, जिनमें से आधे से ज्यादा सवालों पर अधिकारी चुप्पी साधे रहे या स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए।
यूरोप यात्रा और 10,000 डॉलर के फंड का कनेक्शन
ईडी की पड़ताल में सबसे बड़ा पहलू विदेश यात्राओं पर हुए भारी-भरकम खर्च और ठेके आवंटन के बीच का संदिग्ध संबंध है। जब धर्मेंद्र कुमार बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के प्रबंध निदेशक (MD) पद पर तैनात थे, तब वे और उनकी पत्नी 16 जुलाई से 26 जुलाई 2025 के बीच यूरोप की यात्रा पर गए थे।
अदालत में पेश ईडी की रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदार रिशु श्री ने इस यूरोप यात्रा के लिए कथित तौर पर 10,000 अमेरिकी डॉलर (लाखों रुपये) के बराबर की राशि की व्यवस्था की थी। हालांकि, यह राशि नकद दी गई थी या किसी अन्य वित्तीय माध्यम से, इसकी फॉरेंसिक जांच जारी है। ईडी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इन यात्रा खर्चों के बदले रिशु श्री से जुड़ी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुँचाकर सरकारी ठेके/टेंडर आवंटित किए गए थे।
व्हाट्सएप चैट से खुला राज, कई और बड़े अधिकारी जांच के दायरे में
जांच के दौरान ईडी को ठेकेदार रिशु श्री और आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा के बीच हुई व्हाट्सएप चैट के अंश भी मिले हैं, जिसमें धर्मेंद्र कुमार की विदेश यात्रा का स्पष्ट जिक्र है।
इस हाई-प्रोफाइल टेंडर घोटाले की आंच बिहार के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँच चुकी है। ईडी ने इस मामले में संलिप्तता के संदेह में कई अधिकारियों को समन जारी किया है:
- योगेश कुमार सागर: आरोप है कि जून 2024 में इनके परिवार के छह सदस्यों की ऑस्ट्रिया यात्रा का खर्च रिशु श्री ने उठाया था।
- अभिलाषा कुमारी शर्मा: इनके और परिजनों की विदेश यात्रा पर करीब 19 लाख रुपये खर्च किए जाने का मामला जांच के दायरे में है।
- इसके अलावा, आनंद किशोर (अपर मुख्य सचिव), संतोष कुमार मल्ल (प्रधान सचिव), और सुनील यादव से भी पूछताछ की प्रक्रिया शुरू की गई है।
आगे की कार्रवाई: संतोष मल्ल और आनंद किशोर पर टिकी निगाहें
जांच एजेंसी के अनुसार, इस पूरे घोटाले में करीब 265.73 करोड़ रुपये की संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।
आगामी पूछताछ के शेड्यूल के तहत प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी संतोष कुमार मल्ल को 29 अक्टूबर और अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर को 30 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं, आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर ने उपस्थित होने के लिए अगले सप्ताह का समय मांगा है। ईडी अब अधिकारियों के बयानों, टेंडर आवंटन के सरकारी दस्तावेजों और बैंक खातों के वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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