भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को जोरदार उछाल देखा जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में मजबूत कारोबार कर रहे हैं। जानें मौजूदा बाजार में निवेश करना समझदारी है या नहीं।
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में शानदार एक्शन और जोरदार लिवाली देखने को मिल रही है। शुरुआती दौर की सुस्ती को पीछे छोड़ते हुए बाजार ने शानदार वापसी की है और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में मजबूत कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के मन में यह सवाल जरूर उठ रहा है कि क्या मौजूदा स्तर पर निवेश करना सुरक्षित है या थोड़ा इंतजार करना बेहतर रहेगा।

आज कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल?
शुक्रवार के सत्र में बाजार की शुरुआत भले ही मिली-जुली और सतर्क रुख के साथ हुई हो, लेकिन दोपहर तक खरीदारों ने बाजार पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
- बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex): करीब 350 से अधिक अंकों की तेजी के साथ 74,400 के अहम आंकड़े को पार कर कारोबार कर रहा है।
- एनएसई निफ्टी 50 (Nifty 50): में भी शानदार उछाल दर्ज किया गया है और यह 23,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार ट्रेड कर रहा है।
बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और चुनिंदा दिग्गज शेयरों में हुई खरीदारी के कारण है।
किन शेयरों में रही तेजी और कहां दिखा दबाव?
आज के कारोबार में बाजार का रुझान पूरी तरह से चुनिंदा सेक्टर्स पर केंद्रित है। विशेष रूप से आईटी (IT) और फार्मा (Pharma) सेक्टर के शेयरों ने बाजार को थामे रखा है।
| सेक्टर / कंपनी | आज का रुख | मुख्य वजह / स्थिति |
| ट्रेंड (Trent) | जोरदार तेजी | शेयरों में लगातार मजबूत खरीदारी का दौर जारी है। |
| आईटी और फार्मा सेक्टर | हरे निशान में मजबूत | इंफोसिस, एचसीएल टेक और सन फार्मा जैसे शेयरों में अच्छी लिवाली देखी गई। |
| वेदांता (Vedanta) | भारी उछाल | हाल ही में दूसरी तिमाही (Q2) के शानदार नतीजे और मुनाफा दर्ज करने के बाद शेयरों में जोरदार उछाल आया है। |
| कोल इंडिया और एसबीआई (SBI) | सुस्त / हल्की गिरावट | उच्च स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking) और बिकवाली के दबाव के कारण इन शेयरों में नरमी है। |
वैश्विक बाजारों और कच्चे तेल का क्या है हाल?
वैश्विक मोर्चे पर संकेत बहुत ज्यादा उत्साहजनक नहीं हैं। अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों पर बढ़ते दबाव और एशियाई बाजारों में सुस्ती का असर भारतीय बाजार पर भी सीमित दायरे में पड़ सकता है। इसके अलावा, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और महंगाई के आंकड़े बाजार की चाल को प्रभावित कर रहे हैं। यही वजह है कि बाजार ऊपर तो जा रहा है, लेकिन निवेशकों में एक अज्ञात सतर्कता भी बनी हुई है।
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