रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने नई दिल्ली में DRDO के विश्व-2026 कार्यक्रम का उद्घाटन किया। 35 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक और निर्यात पर जोर दिया गया।
News Saga Desk
नई दिल्ली: भारत को रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के आउटरीच कार्यक्रम ‘विश्व-2026’ (VISHV-2026) का उद्घाटन किया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 35 से अधिक मित्र देशों के रक्षा प्रतिनिधियों, राजनयिकों और भारतीय रक्षा उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
इस वर्ष कार्यक्रम की मुख्य थीम ‘रक्षा क्षमताओं का प्रदर्शन और वैश्विक साझेदारियों को सुदृढ़ करना’ रखी गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीकों और क्षमताओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के साथ मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
आत्मनिर्भर रक्षा और स्वदेशी तकनीक पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की पहल के तहत देश रक्षा उत्पादन, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य केवल रक्षा उपकरणों का स्वदेश में निर्माण करना नहीं है, बल्कि अत्याधुनिक रक्षा तकनीकों के अनुसंधान, विकास, उत्पादन और निर्यात में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है। मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ाकर भारत को एक भरोसेमंद रक्षा साझेदार के रूप में स्थापित करना भी सरकार की प्राथमिकता है।
तीन विदेशी भाषाओं में जारी हुई DRDO की विवरणिका
विश्व-2026 के दौरान DRDO की ओर से विकसित निर्यात योग्य रक्षा उत्पादों और प्रणालियों की विवरणिका का फ्रेंच, स्पेनिश और अरबी भाषाओं में विमोचन किया गया। इसे भारतीय रक्षा उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने और नए वैश्विक साझेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में रक्षा सचिव एवं DRDO अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, अल्जीरिया के राजदूत डॉ. अब्देनोर खेलिफी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और सैन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
भारत को वैश्विक रक्षा शक्ति बनाने का लक्ष्य
संजय सेठ ने कहा कि आत्मनिर्भर रक्षा, स्वदेशी तकनीक और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को हासिल करने में रक्षा अनुसंधान, नवाचार और निर्यात की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने कहा कि विश्व-2026 जैसे आयोजन भारत की तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने रखने और मित्र देशों के साथ रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने का अवसर प्रदान करते हैं।
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