कटिहार में अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज पिता ने अपनी जिंदा बेटी का श्राद्धकर्म और पिंडदान कर दिया। जानिए शैजल और अजय की पूरी प्रेम कहानी।
News Saga Desk
बिहार के कटिहार से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां अपनी पसंद से अंतरजातीय विवाह करना एक बेटी के लिए परिवार से रिश्ते टूटने की वजह बन गया। बेटी ने अपनी मर्जी से शादी कर नई जिंदगी की शुरुआत की, तो दूसरी ओर नाराज पिता ने अपनी ही जिंदा बेटी का श्राद्धकर्म और पिंडदान कर उसे परिवार के लिए मृत घोषित कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।
पूरा मामला कटिहार जिले के कदवा प्रखंड की कंटिया पंचायत स्थित निझरा गांव का है। यहां रहने वाले श्याम ठाकुर पेशे से पुरोहित हैं। उनकी बेटी शैजल कुमारी ने 23 अक्टूबर 2026 को पड़ोसी पंचायत पहलागढ़ के रहने वाले अजय पासवान के साथ घर से भागकर प्रेम विवाह कर लिया। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे को पिछले करीब 11 वर्षों से जानते हैं।
11 साल के प्यार के बाद किया अंतरजातीय विवाह
जानकारी के अनुसार, शैजल और अजय ने साथ में पढ़ाई की है। दोनों ने स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की। दोनों की उम्र करीब 25 से 26 वर्ष बताई जा रही है। हालांकि, इस रिश्ते में जाति सबसे बड़ी बाधा बन गई। शैजल ब्राह्मण परिवार से आती हैं, जबकि अजय पासवान समुदाय से हैं। परिवार की सहमति नहीं मिलने पर दोनों ने अपनी मर्जी से शादी कर ली।
शादी के बाद शैजल ने एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उसने कहा कि उसने अपनी इच्छा से अजय के साथ विवाह किया है। उसका अपहरण नहीं हुआ है और न ही उस पर किसी तरह का दबाव बनाया गया है। दोनों बालिग हैं और अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने में सक्षम हैं। शैजल ने यह भी कहा कि वह अपने पति के साथ खुश है।
बेटी के इस फैसले से नाराज पिता श्याम ठाकुर ने कथित तौर पर पूरे विधि-विधान से उसका श्राद्धकर्म और पिंडदान कर दिया। पिता का कहना है कि बेटी ने परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई है और अब वह उनके परिवार के लिए मर चुकी है। अपनी जिंदा बेटी का पिंडदान करने की इस घटना ने लोगों को हैरान कर दिया है।
अजय के परिवार ने शैजल को अपनाया
दूसरी तरफ, अजय के पिता मुन्ना पासवान ने इस शादी को स्वीकार कर लिया है। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी शैजल के परिवार से बातचीत कर सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कराने की कोशिश की थी, लेकिन जातिगत मतभेदों के कारण बात नहीं बन सकी। अब शैजल उनकी बहू है और वे उसकी जिम्मेदारी निभाएंगे।
फिलहाल, इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। एक तरफ शैजल अपने पति के साथ खुशहाल जीवन बिताने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ पिता द्वारा बेटी का जीते-जी श्राद्धकर्म किए जाने की घटना ने अंतरजातीय विवाह और सामाजिक सोच को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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