मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी और खांसी का खतरा बढ़ने लगता है। सुबह-शाम ठंडी हवाएं, दिन में बदलता तापमान और सुबह का कुहासा बच्चों की सेहत पर असर डाल सकता है। खासकर छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं जल्दी परेशान करती हैं।
NEWS SAGA DESK
मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी और खांसी का खतरा बढ़ने लगता है। सुबह-शाम ठंडी हवाएं, दिन में बदलता तापमान और सुबह का कुहासा बच्चों की सेहत पर असर डाल सकता है। खासकर छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं जल्दी परेशान करती हैं। कई बार बच्चे बार-बार बीमार पड़ने लगते हैं, जिससे माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में ठंड का मौसम पूरी तरह शुरू होने से पहले ही बच्चों की सेहत और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है। सही खानपान और साफ-सफाई के साथ कुछ आसान सावधानियां बच्चों को संक्रमण से बचाने में मदद कर सकती हैं।
बच्चों को बार-बार सर्दी-जुकाम क्यों होता है?
सामान्य सर्दी-जुकाम कई तरह के वायरस के कारण होता है। छोटे बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली अभी विकसित हो रही होती है, इसलिए उन्हें संक्रमण होने की आशंका अधिक रहती है। सामान्य तौर पर जुकाम के लक्षण 7 से 10 दिनों में ठीक हो सकते हैं। हालांकि, बार-बार संक्रमण होना हमेशा कमजोर इम्युनिटी का संकेत नहीं होता।
बच्चों को सर्दी-जुकाम से बचाने के 5 आसान तरीके
1. पौष्टिक भोजन दें: बच्चों की डाइट में दाल, हरी सब्जियां, मौसमी फल और दूसरे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करें। पर्याप्त पानी और सूप जैसे तरल पदार्थ भी दें।
2. साफ-सफाई का रखें ध्यान: बच्चों को खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद हाथ धोने की आदत डालें। बीमार लोगों के संपर्क से बचाएं।
3. मौसम के अनुसार पहनाएं कपड़े: सुबह और शाम ठंड बढ़ने पर बच्चों को आरामदायक गर्म कपड़े पहनाएं। कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन भी रखें।
4. नींद पूरी होने दें: बच्चों की उम्र के अनुसार पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।
5. घरेलू नुस्खों में सावधानी: एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद बिल्कुल न दें। डॉक्टर की सलाह के बिना अदरक का रस, कपूर या अन्य तेज घरेलू उपचार न आजमाएं।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
अगर बच्चे को सांस लेने में परेशानी, तेज बुखार, दूध या पानी पीने में दिक्कत, पेशाब कम होना या असामान्य सुस्ती दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। तीन महीने से कम उम्र के शिशु को 38 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक बुखार होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है।
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