दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली। SIR और वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन, बीजेपी ने किया पलटवार।
News Saga Desk
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की महारैली आयोजित की जा रही है। मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महारैली में शामिल होने के लिए सुबह से ही विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों का पहुंचना शुरू हो गया। सुबह 10 बजे तक रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस चौराहे से विरोध मार्च निकाला जाना है। यह मार्च मिंटो रोड और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। इसके बाद INDIA ब्लॉक के वरिष्ठ नेता जनसभा को संबोधित करेंगे।
मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्ष का प्रदर्शन
महारैली को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि मताधिकार भी जीवन के अधिकार की तरह एक बुनियादी अधिकार है और प्रत्येक नागरिक के वोट की सुरक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस चुनावी पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की नेता महुआ माजी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर टी.एन. शेषन जैसे निष्पक्ष और ईमानदार अधिकारी की नियुक्ति की मांग की। महुआ माजी ने कहा कि विपक्ष राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट तक अपनी बात पहुंचाने के बाद अब लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सागरिका घोष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान से उठने वाली आवाज संसद तक पहुंचनी चाहिए और आगामी शीतकालीन सत्र में इस संबंध में संसदीय प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अब आम लोगों को भी सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करनी होगी।
बीजेपी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना
INDIA ब्लॉक की महारैली को लेकर बीजेपी ने विपक्ष पर पलटवार किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने इस आयोजन को राहुल गांधी को दोबारा राजनीतिक रूप से लॉन्च करने की कांग्रेस की कोशिश बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि वास्तव में वोट चोरी हुई है, तो कांग्रेस अब तक इसके ठोस सबूत क्यों पेश नहीं कर पाई है।
इस तरह महारैली को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
SFI के छात्रों ने भी निकाला मार्च
महारैली के समर्थन में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के कार्यकर्ताओं ने भी सुरजीत भवन से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का विरोध किया।
दिल्ली पुलिस ने किए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
महारैली और विरोध मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। सेंट्रल डीसीपी रोहित राजबीर के अनुसार, सुबह 5 बजकर 30 मिनट से ही समर्थकों का रामलीला मैदान पहुंचना शुरू हो गया था। पुलिस ने मार्च के निर्धारित मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ यातायात प्रबंधन के लिए भी विशेष तैयारी की है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महारैली में शामिल होने आ रहे लोगों से स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता
दरअसल, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और SIR को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है। INDIA ब्लॉक की इस महारैली को इसी विरोध की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। विपक्षी दलों का उद्देश्य मतदाताओं के अधिकारों, चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
अब इस महारैली के जरिए विपक्ष अपनी एकजुटता दिखाने के साथ केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
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