RIMS में बच्चों के हृदय रोग की जांच के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ। 380 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। हार्ट ऑपरेशन मुफ्त होंगे और एक साल में रिम्स में सर्जरी शुरू करने का लक्ष्य है।
News Saga Desk
झारखंड में हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल की है। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में बच्चों के हृदय रोग और हार्ट ऑपरेशन को लेकर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे बच्चों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की जा रही है। जांच में जिन बच्चों में हृदय रोग की पुष्टि होगी, उनका इलाज और जरूरत पड़ने पर हार्ट ऑपरेशन पूरी तरह नि:शुल्क कराया जाएगा।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, एनएचएम की मिशन डायरेक्टर शशि झा, रिम्स निदेशक डॉ. डी.के. सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और चिकित्सक मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अब तक करीब 380 बच्चों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों से हृदय रोग से पीड़ित बच्चे अपने परिजनों के साथ रिम्स पहुंच रहे हैं। जांच में गंभीर बीमारी की पुष्टि होने पर बच्चों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है।
इसके लिए सरकार ने केरल के अमृता अस्पताल और सत्य साईं अस्पताल के साथ टाई-अप किया है। जरूरत के मुताबिक बच्चों को कोच्चि समेत अन्य निर्धारित अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा जाएगा। यहां उनका इलाज और आवश्यक ऑपरेशन नि:शुल्क कराया जाएगा।
गरीब परिवारों के लिए वरदान बनेगी योजना: इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार की यह पहल अब रंग ला रही है। कई गरीब और असहाय परिवार आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों के दिल में छेद जैसी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं करा पाते हैं। ऐसे परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल गंभीर मामलों में बच्चों को दूसरे राज्यों में भेजकर इलाज कराया जा रहा है, लेकिन सरकार का लक्ष्य अगले एक साल के भीतर रिम्स में ही बच्चों के हार्ट ऑपरेशन की सुविधा शुरू करना है।
एक साल में रिम्स में शुरू होंगे बच्चों के हार्ट ऑपरेशन
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों के हार्ट ऑपरेशन के लिए सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टरों की आवश्यकता है। इसके लिए जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही ऑपरेशन से जुड़े जरूरी उपकरण और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने बताया कि सरकार ने इसके लिए एक साल का लक्ष्य निर्धारित किया है। कोशिश है कि तय समय सीमा के भीतर रिम्स में ही बच्चों के हार्ट ऑपरेशन शुरू हो जाएं।
सरकार का कहना है कि झारखंड को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में मेडिकल सुविधाओं के विस्तार के साथ एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।
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