निलंबन मुक्त हुई आईएएस पूजा सिंघल: मनी लॉन्ड्रिंग में हुई थी गिरफ्तारी

News Saga Desk

रांची। झारखंड सरकार ने 2000 बैच की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को निलंबन से मुक्त कर दिया है। इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। फिलहाल उन्हें पैतृक विभाग कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग में योगदान करने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने उन्हें जमानत मिलने की तिथि 7 दिसंबर 2024 से निलंबन मुक्त किया है। निलंबन समीक्षा समिति की अनुशंसा पर सरकार ने यह फैसला लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने 12 मई 2022 को तत्कालीन खान सचिव पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया। तब से वह जेल में थीं। 7 दिसंबर 2024 को पीएमएलए कोर्ट से जमानत मिलने और जेल से रिहा होने के बाद उनका निलंबन हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। कार्मिक विभाग ने इससे संबंधित फाइल मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित निलंबन समीक्षा समिति की बैठक को भेज दी। समिति ने पूरे मामले की समीक्षा के बाद उनका निलंबन वापस लेने की अनुशंसा की थी।

31 महीने से जेल में बंद रहने के बाद मिली है जमानत

आईएएस पूजा सिंघल को 31 महीने जेल में रहने के बाद 7 दिसंबर 2024 को पीएमएलए कोर्ट से जमानत मिली। ED की विशेष अदालत ने उन्हें दो लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी है। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करना है। पूजा सिंघल को नए कानून का लाभ मिला है। BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 479 के तहत अगर कोई आरोपी किसी मामले में लंबे समय से जेल में बंद है और उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि उस मामले में दी जाने वाली सजा की एक तिहाई है तो उसे बेल दी जा सकती है। इस कानून का हवाला देकर पूजा सिंघल ने जेल से ही बंदी पत्र लिखा था। जिसके बाद सुनवाई करते हुए जमानत दी गई है।


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