चाईबासा में महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब, बारिश में भी घंटों कतार में डटे रहे श्रद्धालु

चाईबासा की मौसीबाड़ी में महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। तेज बारिश के बीच भक्त घंटों कतार में खड़े रहे और छप्पन भोग महाप्रसाद ग्रहण किया। पढ़ें पूरी खबर।

News saga Desk

पश्चिमी सिंहभूम: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में इन दिनों भगवान जगन्नाथ की भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। शहर स्थित श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा मंदिर की मौसीबाड़ी में महाप्रभु श्री जगन्नाथ स्वामी, बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।

मंगलवार को तेज बारिश, अंधेरी रात और खराब मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सके। महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में छाता लेकर घंटों तक लंबी कतारों में खड़े रहे और अपनी बारी का इंतजार करते हुए महाप्रभु के दर्शन किए।

बारिश भी नहीं रोक पाई भक्तों की आस्था

मंगलवार रात चाईबासा में लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भक्तों के चेहरे पर थकान के बजाय भगवान जगन्नाथ के दर्शन की खुशी दिखाई दे रही थी।

श्रद्धालु बारिश से बचने के लिए छाते लेकर मंदिर पहुंचे और धैर्यपूर्वक कतार में खड़े रहे। कई भक्तों ने कहा कि महाप्रभु के दर्शन के सामने मौसम की कठिनाइयां कोई मायने नहीं रखतीं।

मौसीबाड़ी में आठ दिनों तक विराजमान रहते हैं महाप्रभु

रथयात्रा की परंपरा के अनुसार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा आठ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहते हैं। इसी दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने और महाप्रसाद ग्रहण करने के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक भजन-कीर्तन, आरती और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

छप्पन भोग महाप्रसाद का हो रहा वितरण

मौसीबाड़ी में प्रतिदिन मध्यान्ह भोग और रात्रि में छप्पन भोग महाप्रसाद का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को रात आठ बजे से दस बजे तक महाप्रसाद वितरण किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा मंदिर की मौसीबाड़ी 

भक्तों ने महाप्रसाद ग्रहण कर खुद को सौभाग्यशाली बताया। मंदिर परिसर में दर्शन के साथ-साथ प्रसाद ग्रहण करने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

सौ वर्षों से निभाई जा रही है परंपरा

मंदिर के मुख्य पुजारी संजय मिश्रा ने बताया कि श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा पूजा कमेटी पिछले करीब सौ वर्षों से इस धार्मिक परंपरा का संचालन करती आ रही है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष महाप्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। चाईबासा के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग मौसीबाड़ी पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन और महाप्रसाद का लाभ लेते हैं।

श्रद्धालुओं की सेवा में जुटी कमेटी

कमेटी के कोषाध्यक्ष तरुण कुमार दरिपा ने कहा कि यह आयोजन महाप्रभु श्री जगन्नाथ की कृपा से सफल हो रहा है। उन्होंने बताया कि कठिन मौसम के बावजूद भक्तों की श्रद्धा और उत्साह इस आयोजन की सबसे बड़ी शक्ति है।

उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि महाप्रभु की कृपा हमेशा अपने भक्तों पर बनी रहे।

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आस्था के आगे फीकी पड़ी मौसम की चुनौती

पूरे आयोजन को सफल बनाने में श्री श्री हरि बोल सरस्वती दुर्गा पूजा कमेटी के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था, कतार प्रबंधन और महाप्रसाद वितरण की बेहतर व्यवस्था की गई।

बारिश के बीच मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सच्ची आस्था के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। चाईबासा की मौसीबाड़ी में महाप्रभु जगन्नाथ के प्रति भक्तों की श्रद्धा और भक्ति का यह दृश्य लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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