अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर ओम बिरला, अमित शाह समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उनके सुशासन, जनसेवा और सांस्कृतिक योगदान को याद किया।
News saga Desk
नई दिल्ली। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर गुरुवार को देश के कई प्रमुख नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके शासन, जनसेवा, न्यायप्रियता तथा भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में योगदान को याद किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कपड़ामंत्री गिरिराज सिंह समेत कई नेताओं ने लोकमाता के जीवन और कार्यों को प्रेरणादायक बताया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अहिल्याबाई होल्कर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपने शासनकाल में किसानों, कारीगरों, व्यापारियों और आम नागरिकों के हितों को प्राथमिकता दी। उन्होंने मालवा में व्यापार, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ जन-कल्याण, सुशासन और जनसेवा की मिसाल कायम की।
ओम बिरला ने लोकमाता के योगदान को किया याद
ओम बिरला ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने धर्म और संस्कृति के संरक्षण के साथ देश के विभिन्न प्रमुख तीर्थ स्थलों पर मंदिरों, घाटों, कुओं, बावड़ियों और विश्राम-गृहों के निर्माण तथा जीर्णोद्धार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, इन कार्यों का प्रभाव आज भी भारत की सांस्कृतिक विरासत में दिखाई देता है।
लोकसभा अध्यक्ष ने संसद पुस्तकालय भवन के प्रांगण में स्थापित अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को भी उनके योगदान और विरासत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, जन-कल्याण की भावना और जनसेवा के आदर्शों को दर्शाती है।
इस अवसर पर ओम बिरला ने लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को भी उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने चटर्जी के सार्वजनिक जीवन, उनकी विधायी समझ और संसदीय परंपराओं के प्रति प्रतिबद्धता को याद किया।
अमित शाह ने महिला सशक्तिकरण को बताया महत्वपूर्ण
केंद्रीय गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने अहिल्याबाई होल्कर के मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण, तीर्थ स्थलों के विकास तथा सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में योगदान को अद्वितीय बताया।

अमित शाह ने महिला शिक्षा और विधवा पुनर्विवाह को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से लोकमाता ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। शाह के अनुसार, अहिल्याबाई का जीवन जन-कल्याण, न्याय और सुशासन के आदर्शों का उदाहरण है।
राजनाथ सिंह ने बताया प्रेरणादायक जीवन
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन को धर्म, संस्कृति, जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर की विरासत आज भी समाज को सेवा और कर्तव्य के प्रति प्रेरित करती है।
उनका शासन केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं था, बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सार्वजनिक हित के कार्यों से भी जुड़ा रहा। यही वजह है कि भारतीय इतिहास में उन्हें एक ऐसी शासक के रूप में याद किया जाता है, जिनके लिए प्रजा का कल्याण शासन का महत्वपूर्ण उद्देश्य था।
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शिवराज चौहान ने बताया नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याणमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अहिल्याबाई होल्कर को सनातन चेतना का शाश्वत प्रतीक और नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति बताया। उन्होंने कहा कि वह भगवान शिव की परम भक्त थीं और उन्होंने अपने जीवन तथा शासन व्यवस्था में धार्मिक मूल्यों के साथ न्याय और करुणा को भी महत्व दिया।
चौहान के अनुसार, उनके द्वारा स्थापित प्रशासनिक आदर्श आज भी सुशासन और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणा देते हैं। भारत की सांस्कृतिक विरासत के पुनरुद्धार और आम लोगों के हित में किए गए उनके कार्यों को उन्होंने सदैव स्मरणीय बताया।
केंद्रीय कपड़ामंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर त्याग, तपस्या और सुशासन की अमर प्रतिमूर्ति थीं। उन्होंने धर्म, न्याय और करुणा के आधार पर शासन करते हुए समाज के लिए आदर्श स्थापित किए।
अहिल्याबाई होल्कर की पुण्यतिथि पर नेताओं द्वारा दी गई श्रद्धांजलि उनके बहुआयामी योगदान को रेखांकित करती है। उनके शासन में जनहित, धार्मिक-सांस्कृतिक संरक्षण, सामाजिक सुधार और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास को महत्व दिया गया। देश के विभिन्न हिस्सों में मौजूद मंदिरों, घाटों और अन्य सार्वजनिक संरचनाओं से जुड़ी उनकी विरासत आज भी उनके योगदान की याद दिलाती है।
उनके जीवन से जुड़े ये पहलू आज के दौर में भी सुशासन, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण और जनसेवा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यही कारण है कि अहिल्याबाई होल्कर को देश के राजनीतिक और सामाजिक जीवन में एक प्रेरणादायक ऐतिहासिक व्यक्तित्व के रूप में याद किया जाता है।
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