आतिफ असलम ने भारत में बैन पर तोड़ी चुप्पी, बोले- याद आती है

आतिफ असलम ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर लगे प्रतिबंध पर पहली बार खुलकर बात की। उन्होंने भारतीय फैंस को याद किया और संगीत की पहुंच पर भावुक हुए।

News Saga Desk

नई दिल्ली। पाकिस्तानी गायक आतिफ असलम ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों पर लगे प्रतिबंध को लेकर पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। आतिफ असलम ने भारत में बैन पर तोड़ी चुप्पी और करीब एक दशक से भारतीय संगीत प्रेमियों से दूर रहने को लेकर भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि भारत में काम करने की कमी से ज्यादा उन्हें अपने भारतीय प्रशंसकों की याद आती है। आतिफ ने यह भी बताया कि प्रतिबंध के बावजूद भारतीय फैंस अलग-अलग माध्यमों से आज भी उनका संगीत सुनते हैं।

करीब एक दशक से भारत में नहीं किया काम

2016 में उरी आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा था। इसके बाद पाकिस्तानी कलाकारों के भारत में काम करने को लेकर रोक और विवाद का दौर शुरू हुआ। आतिफ असलम भी इस स्थिति से प्रभावित हुए और भारतीय मनोरंजन उद्योग में उनका काम रुक गया।

आतिफ असलम ने भारत में बैन पर तोड़ी चुप्पी तो उन्होंने अपने भारतीय प्रशंसकों के साथ लंबे समय से चले आ रहे भावनात्मक जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि लगभग 10 वर्षों से उन्होंने भारत में कोई नया गाना नहीं गाया है। इसके बावजूद उन्हें यह महसूस होता है कि उनका संगीत भारतीय श्रोताओं तक किसी न किसी तरीके से पहुंचता रहता है।

भारतीय फैंस को लेकर कही दिल की बात

आतिफ असलम ने भारतीय प्रशंसकों को याद करते हुए कहा कि उन्हें भारत में काम करने से ज्यादा वहां के लोगों की याद आती है। उनका यह बयान उनके भारतीय फैंस के साथ रिश्ते की गहराई को दिखाता है।

आतिफ असलम

उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि वह हमेशा अपने भारतीय प्रशंसकों से कहना चाहते थे कि उन्हें उनकी बहुत याद आती है। उनके मुताबिक, उन्हें भारत में काम करने की कमी उतनी महसूस नहीं होती, जितनी भारतीय प्रशंसकों की।

आतिफ की इस बात के बाद उनके पुराने भारतीय प्रशंसकों के बीच भी उनके बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

VPN और सीडी से संगीत सुनने का किया जिक्र

बातचीत में आतिफ ने यह भी बताया कि भारत में मौजूद उनके कुछ प्रशंसक आज भी उनका संगीत सुनने के तरीके खोज लेते हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग VPN के जरिए उनके गाने सुनते हैं, जबकि कुछ प्रशंसक सीडी बनाकर उनका संगीत दूसरों तक पहुंचाते हैं।

हालांकि, आतिफ ने साफ किया कि वह पायरेसी का समर्थन नहीं करते। उन्होंने केवल यह बताने की कोशिश की कि संगीत की पहुंच को पूरी तरह रोकना आसान नहीं है। उनके शब्दों में, संगीत को जहां पहुंचना होता है, वह किसी न किसी तरह वहां पहुंच जाता है।

प्रतिबंध को लेकर आतिफ का अलग नजरिया

आतिफ असलम ने भारत में बैन पर तोड़ी चुप्पी के दौरान एक दिलचस्प बात भी कही। उन्होंने कहा कि अगर भारत में प्रतिबंध नहीं लगा होता तो शायद वह उतना संगीत नहीं बना पाते, जितना उन्होंने इस अवधि में बनाया।

आतिफ ने यहां तक कहा कि वह प्रतिबंध लगाने वालों का भी शुक्रिया अदा करते हैं। उनके इस बयान को एक कलाकार के नजरिए से देखा जा रहा है, जिन्होंने मुश्किल दौर को अपनी रचनात्मकता के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की।

उनकी बात से यह संकेत मिलता है कि लंबे समय तक भारत से दूर रहने के बावजूद उन्होंने अपने संगीत करियर और रचनात्मक काम को आगे बढ़ाना जारी रखा।

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भारत में आतिफ के गानों की रही लोकप्रियता

आतिफ असलम का भारतीय संगीत प्रेमियों के साथ रिश्ता काफी पुराना है। उन्होंने भारत में कई लोकप्रिय फिल्मों और प्रोजेक्ट्स के लिए अपनी आवाज दी है। उनके गाए ‘दिल दियां गल्लां’, ‘तेरे बिन’ और ‘बेइंतहा’ जैसे गानों को भारतीय श्रोताओं के बीच काफी पसंद किया गया।

उनकी आवाज की खासियत और रोमांटिक गानों की लोकप्रियता ने उन्हें भारत में बड़ी संख्या में प्रशंसक दिलाए। यही वजह है कि लंबे समय तक भारत में काम नहीं करने के बावजूद उनकी लोकप्रियता पूरी तरह खत्म नहीं हुई।

आतिफ असलम ने भारत में बैन पर तोड़ी चुप्पी में भारतीय फैंस को याद करने की बात ने एक बार फिर संगीत और सीमाओं के बीच रिश्ते की चर्चा छेड़ दी है। कलाकारों के लिए प्रशंसकों का समर्थन अक्सर देश की सीमाओं से आगे जाता है और आतिफ के मामले में भी यही देखने को मिलता है।

उनका बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उनके पुराने गाने अब भी डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर श्रोताओं के बीच सुने जाते हैं। हालांकि भारत में उनके मौजूदा काम को लेकर स्थिति अलग है, लेकिन उनके पुराने संगीत की लोकप्रियता बनी हुई है।

आतिफ असलम ने भारत में बैन पर तोड़ी चुप्पी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भविष्य में पाकिस्तानी कलाकारों के लिए भारत में काम करने का रास्ता फिर खुल सकता है। फिलहाल इस बारे में कोई संकेत या आधिकारिक घोषणा सामने नहीं है।

आतिफ के बयान ने हालांकि यह जरूर दिखाया है कि करीब एक दशक की दूरी के बावजूद भारतीय फैंस के साथ उनका भावनात्मक रिश्ता कायम है। उन्होंने अपने संगीत और प्रशंसकों के बीच बने इस जुड़ाव को याद करते हुए साफ किया कि कलाकार और श्रोता का रिश्ता कई बार राजनीतिक सीमाओं से कहीं आगे होता है।

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