News Saga Desk
कोलकाता:अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने इस बार अपने विशेष ‘आयुष आहार’ मेनू में पश्चिम बंगाल की लोकप्रिय झालमुड़ी को शामिल किया है। इसके साथ ज्वार-बाजरे के बिस्कुट, नारियल पानी, केला और गुड़-मूंगफली की चिक्की जैसे पारंपरिक भारतीय खाद्य पदार्थ भी परोसे जाएंगे। मंत्रालय का उद्देश्य स्वास्थ्यवर्धक, स्थानीय और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना है।
आयुष मंत्रालय का मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार भी इसका अभिन्न हिस्सा हैं। इसी सोच के तहत विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों को ‘आयुष आहार’ के अंतर्गत स्थान दिया जा रहा है। झालमुड़ी, जो मुरमुरे, मूंगफली, सब्जियों और मसालों से तैयार की जाती है, कम कैलोरी और अधिक पोषण वाला हल्का आहार माना जाता है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को देशभर में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। इसके लिए आयुष मंत्रालय ने कई कार्यक्रमों और जन-जागरूकता अभियानों की शुरुआत की है। मंत्रालय का उद्देश्य योग के साथ-साथ ऐसे खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना है जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करें। ‘आयुष आहार’ के माध्यम से स्थानीय और पारंपरिक व्यंजनों को राष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्यकर भोजन का मतलब केवल विदेशी फल या महंगे ‘सुपरफूड’ नहीं होते। स्थानीय खाद्य पदार्थों में भी पर्याप्त पोषण और संतुलित आहार के गुण मौजूद हैं। आयुष मंत्रालय का यह कदम इसी संदेश को सामने लाने की कोशिश माना जा रहा है। मंत्रालय योग दिवस को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर भारतीय खाद्य संस्कृति के स्वस्थ और व्यावहारिक पहलुओं को भी राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना चाहता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल के दौरे पर आ रहे हैं और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्हें भी ‘आयुष आहार’ के तहत झालमुड़ी सहित यह विशेष खाद्य संयोजन परोसा जा सकता है। बंगाल में मुरमुरा, मूंगफली और गुड़ आधारित खाद्य पदार्थ लंबे समय से दैनिक भोजन का हिस्सा रहे हैं। अब यही पारंपरिक खाद्य पदार्थ योग दिवस के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहचान प्राप्त कर रहे हैं।
No Comment! Be the first one.