विधानसभा मार्च से पहले झारखंड में हाई अलर्ट, सभी जिलों को स्पेशल ब्रांच के विशेष निर्देश

NEWS SAGA DESK

7 अगस्त के विधानसभा मार्च को लेकर झारखंड पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर। स्पेशल ब्रांच ने सभी DC और SP को विशेष निर्देश जारी किए।

झारखंड में 7 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च और विभिन्न संगठनों द्वारा घोषित विरोध-प्रदर्शनों को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बड़ी भीड़ और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्पेशल ब्रांच ने राज्य के सभी उपायुक्तों (DC) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं।

स्पेशल ब्रांच द्वारा जारी पत्र में सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कुछ पोस्ट का विशेष उल्लेख किया गया है। इन पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने वाली छात्र नेता नेहा बोरा 7 अगस्त को झारखंड पहुंच सकती हैं। दावा यह भी है कि वह विधानसभा मार्च में शामिल होने के साथ आंदोलनरत छात्रों के धरना स्थल पर जाकर उनका समर्थन कर सकती हैं। हालांकि, प्रशासन ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसके बावजूद एहतियात के तौर पर सभी जिलों को सतर्क रहने और किसी भी सूचना का सत्यापन करने के बाद ही आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

खुफिया इनपुट के अनुसार, भाकपा (माले) ने भी अपने कार्यकर्ताओं, युवाओं और समर्थकों से बड़ी संख्या में विधानसभा मार्च में शामिल होने की अपील की है। विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक समूहों की भागीदारी के कारण राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए पुलिस ने भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं।

स्पेशल ब्रांच ने सभी जिलों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हो रहे संदेशों और पोस्ट की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाने और किसी भी संभावित स्थिति से कानून के दायरे में रहकर प्रभावी तरीके से निपटने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि समय रहते सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने से कानून-व्यवस्था कायम रखने में मदद मिलेगी। इसी उद्देश्य से सभी संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यक होने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

वर्तमान में छात्र संगठन JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर लंबे समय से आंदोलन चला रहे हैं। ये संगठन पारदर्शिता और निष्पक्ष भर्ती की मांग कर रहे हैं। 7 अगस्त का विधानसभा मार्च इन्हीं मांगों को लेकर राज्य विधानसभा के समक्ष दबाव बनाने का प्रयास माना जा रहा है। राजनीतिक दलों, खासकर भाकपा (माले) की सक्रियता से भीड़ के और बढ़ने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन ने राजधानी रांची सहित अन्य जिलों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने, संभावित मार्गों पर निगरानी रखने और ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाने पर जोर दिया है।

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पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन का अधिकार संविधान में दिया गया है, लेकिन किसी भी हिंसा या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी जिलों को संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात करने, स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाने और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना सत्यापन के किसी भी कार्रवाई से बचा जाए, ताकि अनावश्यक तनाव की स्थिति न बने।

राज्य सरकार और पुलिस महकमा इस बात पर जोर दे रहा है कि विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से ही स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सकता है। उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित करने और मुख्यालय को नियमित अपडेट भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुरक्षा तैयारियों के तहत संभावित भीड़ के मार्ग, इकट्ठा होने के स्थान और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

7 अगस्त करीब आने के साथ ही राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होने की उम्मीद है। आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की जा रही है कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सुरक्षित रहे, साथ ही सार्वजनिक संपत्ति और कानून-व्यवस्था की रक्षा भी सुनिश्चित हो।

कुल मिलाकर, झारखंड में विधानसभा मार्च से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। स्पेशल ब्रांच के निर्देशों के बाद जिला स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। छात्र आंदोलन, राजनीतिक भागीदारी और सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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