Bhagalpur Road Scam में ₹1.03 करोड़ की सड़क दो महीने में उखड़ने लगी। नाले के कल्वर्ट में सुराख नहीं होने से जलजमाव बढ़ा, लोगों ने जांच और कार्रवाई की मांग की।
News Saga Desk
Bhagalpur Road Scam को लेकर बिहार के भागलपुर में एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत भागलपुर नगर निगम क्षेत्र में बनाई गई सड़क और नाला परियोजना पहली ही बरसात में लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करीब ₹1,03,18,319 की लागत से बनी सड़क महज दो महीने के भीतर उखड़ने लगी है, जबकि नाले के निर्माण में ऐसी तकनीकी खामी छोड़ी गई है, जिसके कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। Bhagalpur Road Scam को लेकर अब स्थानीय नागरिकों ने उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
25 साल बाद मिली सड़क, लेकिन राहत नहीं
स्थानीय निवासियों के अनुसार नगर निगम क्षेत्र के त्रिमूर्ति चौक (गुमटी नंबर-02, भीखनपुर) से रेलवे ढाला (गुमटी नंबर-12) तक सड़क और नाले का निर्माण लगभग 25 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद कराया गया था। यह परियोजना वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत स्वीकृत हुई थी।
क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि सड़क बनने के बाद जर्जर रास्तों और बरसात में होने वाले जलजमाव से राहत मिलेगी। लेकिन निर्माण पूरा होने के कुछ ही समय बाद सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी। लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
नाले का डिजाइन बना बड़ी परेशानी
Bhagalpur Road Scam का सबसे गंभीर पहलू नाले के निर्माण में सामने आई तकनीकी खामी को माना जा रहा है। सड़क किनारे पानी निकासी के लिए नाला बनाया गया और उसके ऊपर कल्वर्ट (कवर) भी लगाए गए। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि कल्वर्ट में पानी के प्रवेश के लिए आवश्यक सुराख (ओपनिंग) ही नहीं छोड़े गए।

इस वजह से बारिश का पानी नाले में जाने के बजाय सड़क पर ही जमा हो जाता है। नतीजतन मामूली बारिश में भी सड़क पर घुटनों तक पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जलजमाव से प्रभावित हो रहे कई इलाके
स्थानीय नागरिक रवि कुमार, संजय कुमार, प्रकाश शर्मा, बबलू शर्मा और महेश शर्मा सहित अन्य लोगों का कहना है कि इंजीनियरिंग की इस गंभीर लापरवाही का असर पूरे इलाके पर पड़ रहा है।
बुनियादी स्कूल गली में भारी जलजमाव हो जाता है, जबकि शिवाला गली के कई घरों में बारिश और नाले का गंदा पानी घुसने लगा है। वहीं गुमटी नंबर-12 के आसपास का इलाका हर बारिश में तालाब जैसा दिखाई देता है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और स्थानीय व्यापारियों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
सड़क की खराब गुणवत्ता और जल निकासी की समस्या को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में विभागीय अधिकारियों और संवेदक की मिलीभगत से अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि सरकारी धन का सही तरीके से उपयोग नहीं किया गया और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई।
हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग या निर्माण एजेंसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से भी जांच को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
Bhagalpur Road Scam को लेकर स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में अनियमितता और लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने यह भी मांग की है कि सड़क और नाले की तकनीकी खामियों को जल्द दूर किया जाए ताकि बरसात के मौसम में लोगों को जलजमाव और आवागमन की समस्या से राहत मिल सके।
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फिलहाल यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और जांच के संभावित परिणामों पर टिकी हुई है।
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