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बिहार विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष का प्रदर्शन तेज रहा। कानून-व्यवस्था, पेपर लीक, बाढ़, भ्रष्टाचार और अपराध को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा गया।
बिहार विधानसभा में विपक्ष का प्रदर्शन मंगलवार को मानसून सत्र के दूसरे दिन भी जारी रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर के बाहर राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के विधायकों ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार, अपराध, नीट पेपर लीक, बाढ़, जर्जर सड़कों और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया।
विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायकों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “भ्रष्टाचार में नंबर वन बिहार” और “अपराध में नंबर वन बिहार” जैसे नारों वाले पोस्टर भी दिखाई दिए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने में विफल रही है।
कानून-व्यवस्था और अपराध पर सरकार को घेरा
बिहार विधानसभा में विपक्ष का प्रदर्शन मुख्य रूप से राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर केंद्रित रहा। विपक्षी नेताओं का आरोप था कि बिहार में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
सीपीआई विधायक अजय कुमार कानून-व्यवस्था से जुड़ा पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है और सरकार को इस मुद्दे पर सदन में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

पेपर लीक और छात्रों के मुद्दे भी उठे
कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए नीट पेपर लीक, छात्रों के अधिकारों और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मामलों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं के साथ कठोर व्यवहार किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह होना चाहिए।
राजद ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
बिहार विधानसभा में विपक्ष का प्रदर्शन के दौरान राजद विधायकों ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। उन्होंने हाल के भारत तिवारी एनकाउंटर मामले का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं से संबंधित आर्थिक सहायता योजना के क्रियान्वयन पर भी प्रश्न उठाते हुए कहा कि सरकार की कई घोषणाएं धरातल पर प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो पा रही हैं।
सोशल मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा
राजद विधायक राहुल शर्मा ने सोशल मीडिया पर अभद्र और आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि सरकार जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को प्रमुखता दे रही है। उनका कहना था कि इस प्रकार के प्रस्तावों को व्यवहारिक रूप से लागू करना भी आसान नहीं होगा और सरकार को पहले बुनियादी समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

एआईएमआईएम ने बाढ़ और खराब बुनियादी ढांचे का मुद्दा उठाया
इस दौरान एआईएमआईएम के विधायकों ने विधानसभा परिसर में अलग प्रदर्शन करते हुए बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर चिंता जताई। पार्टी ने जर्जर सड़कों, टूटे पुलों और खराब आधारभूत संरचना का मुद्दा उठाया।
विधायकों ने सरकार से मांग की कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों को तेज किया जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की शीघ्र मरम्मत कर आम लोगों को राहत दी जाए।
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फिलहाल विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न आरोपों पर सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मानसून सत्र के दौरान इन मुद्दों पर सदन में चर्चा होने की संभावना है। सरकार और विपक्ष के बीच कानून-व्यवस्था, बाढ़, शिक्षा और विकास से जुड़े विषयों पर आगे भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
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बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में उठाए जा रहे मुद्दे सीधे तौर पर राज्य के नागरिकों से जुड़े हैं। कानून-व्यवस्था, शिक्षा, बाढ़ राहत, सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं पर होने वाली चर्चा का असर आम लोगों पर पड़ सकता है। ऐसे में सदन की कार्यवाही और सरकार की आगामी घोषणियों पर सभी की नजर बनी रहेगी।
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