बिहार का सबसे लंबा पुल: कोसी पर बन रहा मेगा प्रोजेक्ट जल्द होगा तैयार

NEWS SAGA DESK

बिहार का सबसे लंबा पुल कोसी नदी पर तेजी से बन रहा है। 96.6% काम पूरा, 996 करोड़ की परियोजना से भागलपुर, मधेपुरा और सहरसा के बीच दूरी घटेगी।

बिहार का सबसे लंबा पुल

बिहार का सबसे लंबा पुल कोसी नदी पर तेजी से आकार ले रहा है और इसे राज्य की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जा रहा है। लगभग 28.918 किलोमीटर लंबी पुल सह सड़क परियोजना का 96.6 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। यदि निर्माण कार्य तय समय के अनुसार आगे बढ़ता है, तो अगले कुछ महीनों में इस पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकती है।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद लाखों लोगों की यात्रा आसान होगी। भागलपुर, मधेपुरा और सहरसा के बीच दूरी कम होने के साथ-साथ नेपाल की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

बिहार का सबसे लंबा पुल

करीब 996 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा प्रोजेक्ट

बिहार का सबसे लंबा पुल लगभग 996.30 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यह परियोजना राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगी।

पुल शुरू होने के बाद भागलपुर से मधेपुरा और सहरसा की दूरी लगभग 60 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

एनएच-31 और एनएच-106 को मिलेगा सीधा संपर्क

इस मेगा परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-31 (NH-31) और राष्ट्रीय राजमार्ग-106 (NH-106) को जोड़ा जा रहा है।

सुपौल की ओर सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं मधेपुरा के फुलौत में कोसी नदी पर बन रहा 6.94 किलोमीटर लंबा फोरलेन पुल अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

परियोजना के कुल 128 स्पैन में से 126 स्पैन तैयार हो चुके हैं। फिलहाल अंतिम दो स्पैन और अन्य फिनिशिंग कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

कौन कर रहा है निर्माण?

बिहार का सबसे लंबा पुल का निर्माण एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

शुरुआती योजना के अनुसार परियोजना को जून 2024 तक पूरा किया जाना था। हालांकि विभिन्न तकनीकी और अन्य कारणों से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने परियोजना की समय-सीमा बढ़ाकर 28 फरवरी 2027 कर दी।

अधिकारियों के अनुसार निर्माण का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और परियोजना में अधिकांश भुगतान भी जारी किया जा चुका है।

अप्रोच रोड पर भी तेजी से काम

पुल के अंतिम हिस्से के साथ-साथ अप्रोच रोड का निर्माण भी तेज गति से चल रहा है।

डब्ल्यूएमएम (WMM), डीबीएम (DBM) और बिटुमिनस लेयर बिछाने का कार्य अंतिम चरण में है। निर्माण पूरा होने के बाद सड़क संपर्क पहले की तुलना में काफी बेहतर हो जाएगा।कोसी नदी लंबे समय से उत्तर और पूर्वी बिहार के कई इलाकों के बीच संपर्क में बड़ी चुनौती रही है। बरसात के मौसम में आवागमन और अधिक प्रभावित होता है।

इसी समस्या के समाधान के लिए इस पुल सह सड़क परियोजना की शुरुआत की गई, ताकि विभिन्न जिलों के बीच बेहतर सड़क संपर्क स्थापित किया जा सके और क्षेत्रीय विकास को गति मिले।

बिहार का सबसे लंबा पुल शुरू होने के बाद परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

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इससे व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही नेपाल सीमा की ओर जाने वाले मार्ग को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय कारोबार, निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य लगभग 96.6 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अंतिम स्पैन और अप्रोच रोड का कार्य तेजी से किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना है।

Public Information

पुल के पूरी तरह तैयार होने के बाद इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा। इसके बाद भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा।

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