पश्चिम बंगाल के बीरभूम में पुलिस ने 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलो सोना बरामद किया। मामले में मीनार मंडल गिरफ्तार, धन के स्रोत और नेटवर्क की जांच जारी।
News Saga Desk
पश्चिम बंगाल के बीरभूम में 28.5 करोड़ कैश-15 किलो सोना बरामद होने के मामले ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने गुरुवार सुबह इस मामले में मीनार मंडल को गिरफ्तार कर लिया। मीनार मंडल को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीरभूम जिले के प्रभावशाली नेता टुलू मंडल का रिश्तेदार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, उनके घर से 28.5 करोड़ रुपये नकद और लगभग 15 किलोग्राम सोना बरामद किया गया है। इस बरामदगी के बाद धन के स्रोत, कथित सिंडिकेट और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
डकैती की जांच से खुला बड़ा राज
पूरे मामले का खुलासा एक डकैती की जांच के दौरान हुआ। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार को मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र में डकैती के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस देर रात देउचा गांव स्थित मीनार मंडल के घर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया।

तलाशी के दौरान जांच टीम को घर के भीतर बड़ी मात्रा में नकदी और सोना मिला। अचानक सामने आए इस विशाल भंडार ने पुलिस अधिकारियों को भी चौंका दिया। इसके बाद पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जब्ती की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
28.5 करोड़ नकदी और 15 किलो सोना जब्त
जांच के दौरान पुलिस ने घर से कुल 28.5 करोड़ रुपये नकद और करीब 15 किलोग्राम सोना बरामद किया। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी की गिनती और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करने में पूरी रात लग गई।
गुरुवार सुबह पुलिस ने छह बड़े ट्रंकों और दो अलमारियों में रखी नकदी और सोने को जब्त कर लिया। ट्रंकों को पुलिस वाहन में और अलमारियों को अलग मालवाहक वाहन के जरिए सिउड़ी ट्रेजरी भेजा गया। इसके बाद मीनार मंडल को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।
गिरफ्तारी के बाद भी नहीं दिया जवाब
गिरफ्तारी के समय पत्रकारों ने मीनार मंडल से बरामद नकदी और सोने के स्रोत को लेकर कई सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने किसी भी प्रश्न का जवाब नहीं दिया।
दूसरी ओर, मीनार मंडल के बेटे ने दावा किया कि उन्हें घर में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना रखे होने की कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
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पुलिस की जांच में सामने आया नया दावा
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज बुंदेश ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ के दौरान मीनार मंडल ने कथित रूप से स्वीकार किया कि बरामद नकदी और सोना तृणमूल नेता टुलू मंडल के आपराधिक सिंडिकेट से जुड़ा है। हालांकि इस दावे की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और सोना कहां से आया, इसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाना था और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका है।
बीरभूम जिला पहले भी राजनीतिक विवादों और आपराधिक मामलों को लेकर चर्चा में रहा है। हाल के वर्षों में विभिन्न एजेंसियों ने अवैध धन, भ्रष्टाचार और कथित राजनीतिक संरक्षण से जुड़े कई मामलों की जांच की है। ऐसे में इस ताजा बरामदगी ने एक बार फिर जिले की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बरामद नकदी और सोने के स्रोत की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, संभावित अवैध नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। मामले में आगे और गिरफ्तारियां या पूछताछ होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस ने कहा है कि यह मामला अभी जांच के अधीन है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। आम लोगों से अपील की गई है कि वे अपुष्ट या भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें।
बीरभूम में 28.5 करोड़ कैश-15 किलो सोना बरामद होने की इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून-व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। यदि जांच में बड़े वित्तीय नेटवर्क या अवैध गतिविधियों का खुलासा होता है, तो इसका राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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