News Saga Desk
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा अंतिम संस्कार संबंधी दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने रांची में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मंत्री पर तीखा हमला बोला।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राफिया नाज ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को दूसरों के अंतिम संस्कार की चिंता करने के बजाय राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। साथ ही, कई मामलों में परिजन अपने बच्चों के शव को सम्मानजनक ढंग से ले जाने तक में असमर्थ हैं। मेडिकल छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए।
राफिया नाज ने स्वास्थ्य ढांचे की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि 560 बेड पर मात्र 14 नर्स कार्यरत हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि झारखंड की करीब साढ़े तीन करोड़ आबादी के लिए केवल लगभग 2800 डॉक्टर उपलब्ध हैं।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच उन्होंने कांग्रेस पार्टी और इंडिया गठबंधन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में राज्य में आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के बजाय अव्यवस्था देखने को मिली।
इसके अलावा, राफिया नाज ने संसद में महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की भूमिका की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है, जबकि दूसरी ओर नरेंद्र मोदी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा ने राज्य सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की।
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