सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और अपडेट कराने के नियमों में बड़ा फेरबदल किया है। अब एफिडेविट मान्य नहीं होगा, वहीं एड्रेस चेंज जैसी सेवाएं फ्री होंगी। जानें पूरी जानकारी।
यदि आप नया ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने की सोच रहे हैं या अपने मौजूदा लाइसेंस में कोई सुधार करवाने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने देश में मोटर व्हीकल रूल्स (Motor Vehicle Rules) को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक नया ड्राफ्ट जारी किया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य फर्जी डॉक्यूमेंट्स (Fake Documents) के आधार पर बनने वाले लाइसेंसों पर पूरी तरह से लगाम लगाना और आम जनता के लिए ऑनलाइन सेवाओं को सरल बनाना है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस नए ड्राफ्ट में क्या-क्या बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं और इनका आपकी जेब व प्रक्रिया पर क्या असर पड़ेगा।
1. पहचान और पते के सबूत में बड़े बदलाव: एफिडेविट और LIC पॉलिसी बाहर
पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या एड्रेस अपडेट कराने के लिए लोग अक्सर नोटरी या मजिस्ट्रेट से बनवाया गया एफिडेविट (Affidavit) जमा कर देते थे। कई मामलों में लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी (LIC Policy) को भी पते या उम्र के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल कर लिया जाता था।
हालांकि, धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंत्रालय ने अब इन्हें पूरी तरह से अमान्य (Invalid) घोषित करने का प्रस्ताव दिया है। अब केवल प्रमाणित और आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों को ही स्वीकार किया जाएगा:
- पते के प्रमाण (Address Proof) के लिए: आधार कार्ड, वोटर आईडी (EPIC Card), ई-राशन कार्ड, पिछले 3 महीनों का बिजली या गैस का बिल, और विदेशी नागरिकों के लिए वैध निवास दस्तावेज।
- उम्र के प्रमाण (Age Proof) के लिए: पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) और सरकार द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र।
- पहचान पत्र (Identity Proof) के लिए: आधार कार्ड, पासपोर्ट, ई-राशन कार्ड और पैन कार्ड (PAN Card)।
2. ड्राइविंग लाइसेंस का नया लुक और सुरक्षा फीचर्स
नए प्रस्ताव के तहत ड्राइविंग लाइसेंस के फॉर्मेट और लुक में भी कई बड़े बदलाव दिखने वाले हैं। सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से लाइसेंस में निम्नलिखित जानकारियां अनिवार्य की जा रही हैं:
- राष्ट्रीयता (Nationality): लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता स्पष्ट रूप से अंकित होगी।
- अलग-अलग कलर स्कीम (Color Scheme): भारतीय नागरिकों और भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों के ड्राइविंग लाइसेंस का रंग अलग-अलग रखा जाएगा ताकि पहचान तुरंत हो सके।
- इमरजेंसी जानकारी: किसी भी अप्रिय घटना या दुर्घटना के समय तुरंत मदद पहुंचाने के लिए लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप (Blood Group), मोबाइल नंबर और एक इमरजेंसी कांटेक्ट नंबर प्रिंट होना अनिवार्य होगा।
3. ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल के नियम हुए सख्त
जो उम्मीदवार नया ड्राइविंग लाइसेंस पाने के लिए ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल असेसमेंट (Online Safe-Driving Tutorial Assessment) देंगे, उनके लिए कसौटी थोड़ी कठिन कर दी गई है:
- पहले इस ऑनलाइन टेस्ट को पास करने के लिए 60% अंक की आवश्यकता होती थी, जिसे अब बढ़ाकर 75% कर दिया गया है।
- इसके अतिरिक्त, आवेदक को यह ऑनलाइन ट्यूटोरियल कम से कम 30 मिनट तक देखना अनिवार्य होगा, ताकि सड़क सुरक्षा के बुनियादी नियमों की पूरी जानकारी मिल सके।
4. आम जनता को बड़ी राहत: फ्री ऑनलाइन सर्विस और टाइम-बाउंड अप्रूवल
एक तरफ जहां दस्तावेजों के नियम सख्त किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों को काफी सहूलियत भी दी गई है:
- मुफ्त ऑनलाइन सुधार सेवा: यदि आप आधार ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Authentication) के माध्यम से अपने लाइसेंस में नाम, पता या फोन नंबर ऑनलाइन बदलवाते हैं, तो इसके लिए आपसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह सेवा पूरी तरह निशुल्क होगी।
- 15 से 30 दिनों में निपटारा: ऑनलाइन आवेदनों का निपटारा अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर करना होगा।
- ऑटो-अप्रूवल (Deemed Approval): अगर पते में बदलाव (Address Change) का आवेदन 30 दिनों तक लंबित रहता है और उस पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तो उसे स्वचालित रूप से ‘स्वीकृत’ (Auto-Approved) मान लिया जाएगा।
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